2028 में ‘जनता की सरकार’ बनने का दावा, किसानों से लेकर युवाओं और भ्रष्टाचार तक 25 से अधिक मुद्दों पर सरकार को घेरा
भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को खुला पत्र लिखकर प्रदेश की ज्वलंत समस्याओं पर जवाब मांगा है। राजगढ़ (खुजनेर) में मुख्यमंत्री के हालिया भाषण के बाद लिखे गए इस पत्र में पटवारी ने व्यक्तिगत आरोप-प्रत्यारोप से दूरी बनाते हुए जनता से जुड़े मुद्दों को केंद्र में रखा है।
पटवारी ने पत्र में कहा कि यदि गाली देना मुख्यमंत्री का अधिकार है तो वे ऐसा करते रहें, लेकिन जनता के सवाल उठाना उनका लोकतांत्रिक कर्तव्य है और वे इसे निभाते रहेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके द्वारा उठाए जाने वाले मुद्दे किसी व्यक्तिगत राजनीति का हिस्सा नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की पीड़ा और जनभावनाओं की अभिव्यक्ति हैं।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने किसानों की बदहाली, बेरोजगारी, ओबीसी आरक्षण, पेपर लीक, नर्सिंग घोटाला, महिलाओं की सुरक्षा, आदिवासियों के विस्थापन, महंगाई, भ्रष्टाचार, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, सरकारी भर्तियों में देरी, बढ़ते अपराध, माफिया राज, दलित अत्याचार, कुपोषण और बिजली संकट सहित 25 से अधिक मुद्दों को सवालों के रूप में मुख्यमंत्री के सामने रखा।
उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया कि वे व्यक्तिगत टिप्पणियों के बजाय इन समस्याओं के समाधान पर ध्यान दें। पत्र में पटवारी ने कहा कि सत्ता स्थायी नहीं होती, लेकिन जनता की पीड़ा और इतिहास का फैसला हमेशा याद रखा जाता है। उन्होंने सरकार पर कर्ज, कमीशन और करप्शन की संस्कृति को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए इसे कम करने की सलाह भी दी।
पत्र के अंत में पटवारी ने विश्वास जताया कि वर्ष 2028 में मध्यप्रदेश में जनता की सरकार बनेगी, जो नम्रता, जवाबदेही और संवेदनशीलता के साथ काम करेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रदेश की जागरूक जनता सब कुछ देख और समझ रही है तथा समय आने पर अपना निर्णय अवश्य देगी।


