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    भोपाल का बड़ा तालाब फिर निशाने पर-296 कब्जे अब भी कायम, कल से चलेगा बुलडोजर अभियान

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    भोपाल का बड़ा तालाब फिर निशाने पर-296 कब्जे अब भी कायम, कल से चलेगा बुलडोजर अभियान

    भोपाल। राजधानी भोपाल की पहचान और जीवनरेखा माने जाने वाले बड़े तालाब के किनारे वर्षों से फैले अतिक्रमणों पर अब प्रशासन ने दोबारा सख्ती दिखाने की तैयारी कर ली है। 30 मई से जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू करेगी। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) की सख्ती के बाद निगम ने अपनी एक्शन टेकन रिपोर्ट (एटीआर) में 21 अतिक्रमणों को हटाने की योजना प्रस्तुत की है, जबकि प्रशासनिक स्तर पर कुल 31 अतिक्रमणों पर कार्रवाई का प्लान तैयार किया गया है।

    कार्रवाई सेवनिया गौंड, गौरा विशनखेड़ी और प्रेमपुरा क्षेत्र में केंद्रित रहेगी। प्रशासन ने चिन्हित निर्माणों की सूची, नक्शे और लाल निशान लगे भवनों का रिकॉर्ड तैयार कर लिया है। इनमें कई बड़े निर्माण, रेस्त्रां और फार्म हाउस भी शामिल बताए जा रहे हैं। दरअसल, एनजीटी ने नगर निगम को तीन सप्ताह की अंतिम मोहलत दी थी, जिसकी समयसीमा 19 मई को समाप्त हो चुकी है। मामले की अगली सुनवाई 9 जुलाई को प्रस्तावित है। इससे पहले निगम और जिला प्रशासन को कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट ट्रिब्यूनल में पेश करनी होगी। इसी दबाव के चलते प्रशासन अब तेजी से अभियान चलाने की तैयारी में है।

    रिपोर्ट के अनुसार चिन्हित 21 अतिक्रमणों में से तीन निर्माण वर्ष 2022 से पहले के हैं, जबकि शेष 18 निर्माण 2022 के बाद किए गए अवैध निर्माण बताए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इन निर्माणों के पास किसी प्रकार की वैध बिल्डिंग अनुमति नहीं है। हालांकि, सवाल यह भी उठ रहा है कि अभियान शुरू होने के करीब तीन महीने बाद भी कार्रवाई बेहद धीमी क्यों रही। 5 फरवरी से शुरू सीमांकन अभियान में 347 अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे, लेकिन अब तक केवल 51 छोटे कब्जे ही हटाए जा सके हैं। इनमें टीटी नगर क्षेत्र के 39 और बैरागढ़ क्षेत्र के 12 अतिक्रमण शामिल हैं। यानी अभी भी 296 अतिक्रमण जस के तस बने हुए हैं।

    बड़ा तालाब अंतरराष्ट्रीय महत्व की रामसर साइट घोषित है। इसके बावजूद तालाब के आसपास वर्षों से फार्म हाउस, रिसोर्ट और आलीशान निर्माण खड़े होते रहे। भदभदा, बिसनखेड़ी, गौरागांव, बील गांव, सेवनिया गौंड और सूरजनगर जैसे क्षेत्रों में कई रसूखदारों के निर्माण भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं।
    अब प्रशासन दावा कर रहा है कि 30 जून तक सभी चिन्हित अतिक्रमणों को हटा दिया जाएगा। ऐसे में देखने वाली बात होगी कि इस बार कार्रवाई फाइलों से निकलकर जमीन पर कितनी प्रभावी साबित होती है।

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