हेल्थ डेस्क। मोटापा सिर्फ शरीर का आकार बढ़ाने वाली समस्या नहीं है, बल्कि यह धीरे-धीरे आपके दिल की सेहत को भी कमजोर कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि बढ़ता वजन अब लोगों के दिल को उनकी वास्तविक उम्र से पहले ही बूढ़ा बना रहा है। इसका परिणाम यह है कि कम उम्र में ही हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है।
भारत में मोटापा बना बड़ी स्वास्थ्य चुनौती
राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-6) के ताजा आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। वर्ष 2023-24 की रिपोर्ट के अनुसार, 15 से 49 वर्ष आयु वर्ग की 30.7 प्रतिशत महिलाएं अधिक वजन या मोटापे की शिकार हैं। वहीं पुरुषों में यह आंकड़ा 27.3 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस प्रवृत्ति पर समय रहते नियंत्रण नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में हृदय रोगों का बोझ और बढ़ सकता है।
क्या होती है दिल की उम्र यानी कार्डियक एज?
डॉक्टरों के अनुसार किसी व्यक्ति की वास्तविक उम्र और उसके दिल की उम्र हमेशा एक जैसी नहीं होती। “कार्डियक एज” या दिल की उम्र, हृदय और रक्त वाहिकाओं की वास्तविक जैविक स्थिति को दर्शाती है। यह बताती है कि जीवनशैली, मोटापा, रक्तचाप, मधुमेह और अन्य जोखिम कारकों का आपके दिल पर कितना असर पड़ा है। यदि किसी व्यक्ति की कार्डियक एज उसकी वास्तविक उम्र से अधिक है, तो इसका मतलब है कि उसका दिल अपेक्षा से अधिक तेजी से बूढ़ा हो रहा है और उसे भविष्य में हृदय संबंधी समस्याओं का खतरा ज्यादा है।
35 साल की उम्र, लेकिन दिल 60 साल जैसा
एम्स दिल्ली में कार्डियोलॉजी विभाग के प्रोफेसर डॉ. नीतीश नाइक के अनुसार, आज ऐसे कई युवा हैं जिनकी उम्र भले ही 35 वर्ष हो, लेकिन मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और निष्क्रिय जीवनशैली के कारण उनके दिल की स्थिति बुजुर्ग व्यक्ति जैसी हो सकती है। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक शारीरिक गतिविधि की कमी, असंतुलित खानपान और तनाव दिल की उम्र को तेजी से बढ़ाने वाले प्रमुख कारण हैं।
क्यों खतरनाक है बढ़ता मोटापा?
मोटापा शरीर में अतिरिक्त वसा जमा करता है, जिससे रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ता है। इसके कारण हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ता है। कोलेस्ट्रॉल का स्तर असंतुलित हो सकता है। डायबिटीज की संभावना बढ़ जाती है।हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है। हार्ट अटैक और स्ट्रोक का जोखिम बढ़ जाता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की चेतावनी
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, गैर-संचारी रोग (Non-Communicable Diseases) दुनिया भर में मौतों का प्रमुख कारण हैं। इनमें हृदय रोग और स्ट्रोक सबसे आगे हैं। अधिक वजन और मोटापा इन बीमारियों के प्रमुख जोखिम कारकों में शामिल हैं।
दिल को जवान रखने के लिए अपनाएं ये आदतें
विशेषज्ञ स्वस्थ हृदय के लिए कुछ आसान लेकिन प्रभावी उपाय सुझाते हैं:
-प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
-संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
-जंक फूड और मीठे पेय पदार्थों से दूरी बनाएं।
-वजन को नियंत्रित रखें।
-नियमित स्वास्थ्य जांच कराएं।
-पर्याप्त नींद लें और तनाव कम करें।


