-महेश दीक्षित
Politicians crossing the 'Lakshman Rekha' of propriety: कुर्सी और सत्ता की लड़ाई में शब्दों का स्तर इतना गिर जाए कि नेताओं को अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी के दिवंगत माता-पिता तक को निशाना बनाने में संकोच न हो, तो यह सिर्फ भाषाई या शाब्दिक गिरावट...
सरकारी खजाना कोई ऐसी तिजोरी नहीं है, जिसे अफसर और ठेकेदार मिलकर मनमाने ढंग से खोल लें। यह जनता की मेहनत की कमाई है, जिसका एक-एक रुपया जनहित में खर्च होना चाहिए। लेकिन मध्यप्रदेश के नगरीय निकायों में सरकारी खरीदी को लेकर सामने आ...