भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मध्य प्रदेश कैबिनेट की बैठक में विकास योजनाओं, प्रशासनिक व्यवस्था, किसान कल्याण और भ्रष्टाचार पर कार्रवाई से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सरकार ने नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की चार योजनाओं को जारी रखने के लिए 3378 करोड़ रुपये और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) के लिए 345 करोड़ रुपये मंजूर किए। इसके अलावा कैंपा फंड के तहत 2050 करोड़ रुपये के प्लान को स्वीकृति दी गई। चार नवगठित जिलों में जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) कार्यालय खोलने और सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन विभाग की सात योजनाओं को जारी रखने का भी निर्णय लिया गया।
नर्मदा घाटी की चार योजनाओं के लिए 3378 करोड़
कैबिनेट ने वर्ष 2019-20 से संचालित नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की चार योजनाओं को आगे जारी रखने के लिए 3378 करोड़ रुपये की मंजूरी दी। ये योजनाएं छिंदवाड़ा, मुरैना, सिवनी और सागर जिलों से संबंधित हैं। वहीं, कैंपा फंड के तहत 2050 करोड़ रुपये के प्लान को भी स्वीकृति दी गई है।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) के कामकाज के लिए 345 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। इसके अलावा सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन विभाग की सात योजनाओं को जारी रखने के लिए 351 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई।
चार नए जिलों में खुलेंगे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय
प्रदेश के नवगठित जिलों निवाड़ी, मऊगंज, पांढुर्णा और मैहर में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय खोले जाएंगे। कैबिनेट ने इन कार्यालयों के संचालन के लिए आवश्यक पदों को भी मंजूरी दी है। इससे शिक्षा विभाग के प्रशासनिक कामकाज को स्थानीय स्तर पर संचालित करने और विभागीय व्यवस्था मजबूत करने में मदद मिलेगी।
कम बारिश से प्रभावित किसानों को राहत देने पर विचार
कैबिनेट बैठक में किसान कल्याण वर्ष के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा की गई। प्रदेश के 12 जिलों में कम बारिश की स्थिति पर चर्चा हुई। प्रभावित किसानों को जिलेवार आकलन के आधार पर राहत देने पर विचार किया गया।
बैठक में अलीराजपुर, इंदौर, उज्जैन, बैतूल, हरदा, नर्मदापुरम, रतलाम, झाबुआ, धार, शाजापुर और पांढुर्णा सहित प्रभावित क्षेत्रों में वर्षा की स्थिति पर ध्यान दिया गया। अलीराजपुर में सामान्य से करीब 52 प्रतिशत कम बारिश दर्ज होने की जानकारी दी गई।
प्रभावित क्षेत्रों में नुकसान का आकलन करने के बाद किसानों को सहायता देने और सूखाग्रस्त घोषित करने जैसे मुद्दों पर अंतिम निर्णय होना बाकी है।
खरीदी में गड़बड़ियों पर 392 अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई
प्रदेश के नगरीय निकायों में सामग्री खरीदी से जुड़ी अनियमितताओं के मामलों में अब तक 201 प्रकरणों में 392 अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। बैठक में एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि पिछले छह महीनों में गड़बड़ियों की पहचान के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) और अन्य तकनीकों का इस्तेमाल किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भ्रष्टाचार के मामलों में सख्त कार्रवाई करने और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए।
दिसंबर में होगा मंत्रियों का चिंतन शिविर
राज्य सरकार का दो दिवसीय चिंतन शिविर 21 और 22 दिसंबर को प्रस्तावित है। इसमें सरकार के तीन साल के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। साथ ही आगामी वर्ष की प्राथमिकताओं, विकास योजनाओं और उनके प्रभावी क्रियान्वयन पर चर्चा होगी।
सेवा संकल्प अभियान में 17 लाख से अधिक आवेदन
कैबिनेट को सेवा संकल्प अभियान की प्रगति से भी अवगत कराया गया। अभियान के तहत प्रदेश में 1345 शिविर लगाए गए, जिनमें 17 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त हुए। इसके अलावा 1600 से अधिक सेवा ज्योति यात्राएं निकाली गईं।
नमो सेवा नुक्कड़ टोली के माध्यम से भी सरकारी योजनाओं और सेवाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई गई।
सेमीकंडक्टर कॉन्क्लेव में 5800 करोड़ के निवेश प्रस्ताव
बैठक में इंदौर में आयोजित सेमीकंडक्टर कॉन्क्लेव के दौरान 5800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी साझा की गई। इसके अलावा प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रदेश के पांच जिलों को मिले सम्मान और विश्व कौशल प्रतियोगिता में पन्ना के युवाओं की उपलब्धि का उल्लेख किया गया।
पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी को बिजली ट्रांसमिशन लॉस 2.6 प्रतिशत रहने पर मिले पुरस्कार की जानकारी भी कैबिनेट के सामने रखी गई।
दिवाली पर मिट्टी के दीये खरीदने की अपील
मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को अपने प्रभार वाले जिलों में स्थानीय कुम्हारों और माटी कला को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। लोगों को दिवाली पर मिट्टी के दीये और स्थानीय उत्पाद खरीदने के लिए प्रेरित किया जाएगा। सरकार का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों की आमदनी बढ़ाने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देना है।
एक नवंबर से शुरू होंगे मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के कार्यक्रम
मध्य प्रदेश स्थापना दिवस के कार्यक्रम एक नवंबर से तीन दिन तक आयोजित किए जाएंगे। बैठक में 31 अक्टूबर को सरदार वल्लभभाई पटेल जयंती और 15 नवंबर को भगवान बिरसा मुंडा जयंती के अवसर पर होने वाले आयोजनों की तैयारियों पर भी चर्चा की गई।


