भोपाल। मप्र कैडर के सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी और लेखक नियाज खान अपने एक सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवादों में आ गए हैं। जनसंख्या वृद्धि पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने सरकार से जबरन नसबंदी लागू करने की मांग की है। साथ ही उन्होंने अपने पोस्ट में मुस्लिम समुदाय का उल्लेख करते हुए कहा कि इस वर्ग में अधिक बच्चे पैदा होते हैं, इसलिए वहां जनसंख्या नियंत्रण के उपाय सख्ती से लागू किए जाने चाहिए।
शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए पोस्ट में नियाज खान ने देश की बढ़ती आबादी को गंभीर समस्या बताते हुए कहा कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए कठोर कदम उठाने का समय आ गया है। उन्होंने लिखा कि लोग स्वयं नसबंदी कराएं या सरकार इसे अनिवार्य बनाए।
नियाज खान की इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ लोगों ने उनके बयान का समर्थन किया, जबकि कई लोगों ने इसे एक समुदाय विशेष को निशाना बनाने वाला और विवादास्पद बताया।
इसी दिन किए गए अन्य पोस्ट में नियाज खान ने भ्रष्टाचार और राजनीतिक व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा कि देश में भ्रष्टाचार लगातार बढ़ रहा है और जनता भ्रष्ट नेताओं को चुनकर व्यवस्था को और कमजोर कर रही है।
गौरतलब है कि नियाज खान इससे पहले भी सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों पर अपने बयानों के कारण चर्चा में रहे हैं। उनके ताजा बयान ने एक बार फिर जनसंख्या नियंत्रण और सामाजिक संवेदनशीलता से जुड़े मुद्दों पर नई बहस को जन्म दे दिया है।


