काबुल। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। तालिबान प्रशासन के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात अफगानिस्तान के कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम 13 लोगों की मौत हो गई और 14 अन्य घायल हो गए।
तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी लड़ाकू विमानों ने आम नागरिकों के घरों को निशाना बनाते हुए अफगान हवाई क्षेत्र का उल्लंघन किया। उनके मुताबिक, हमलों में 11 बच्चों, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति की जान चली गई। घायल होने वालों में अधिकांश महिलाएं शामिल हैं।
मुजाहिद ने कहा कि हाल के महीनों में पाकिस्तान द्वारा अफगान क्षेत्र में सैन्य अभियानों की संख्या बढ़ी है, जिससे दोनों देशों के बीच संबंध लगातार खराब होते जा रहे हैं। तालिबान प्रशासन का दावा है कि मार्च में भी पाकिस्तान ने एक पुनर्वास केंद्र पर हमला किया था, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई थी।
अक्टूबर 2025 से दोनों पड़ोसी देशों के बीच सीमा पर तनाव और अधिक बढ़ गया है। पाकिस्तान ने कई बार अफगानिस्तान के भीतर हवाई कार्रवाई की है, जबकि तालिबान सरकार इन हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन मानती है। लगातार हो रही सैन्य कार्रवाइयों के कारण हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं और सीमावर्ती क्षेत्रों में मानवीय संकट गहराया है।
पाकिस्तान का आरोप है कि अफगानिस्तान में मौजूद तत्व तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे संगठनों को समर्थन दे रहे हैं। हालांकि तालिबान प्रशासन इन आरोपों को खारिज करता रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि 2021 में तालिबान के सत्ता में आने के बाद दोनों देशों के संबंधों में लगातार गिरावट आई है। कभी तालिबान का प्रमुख समर्थक रहा पाकिस्तान अब सीमा सुरक्षा और उग्रवादी गतिविधियों को लेकर काबुल के साथ गंभीर मतभेदों का सामना कर रहा है।


