नौ जिलाध्यक्ष, पांच उपाध्यक्ष और 14 महासचिवों पर कार्रवाई
भोपाल। दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की ‘वोट चोरी’ रैली में शामिल नहीं होना मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के 60 पदाधिकारियों को भारी पड़ गया। राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश के बावजूद रैली से दूरी बनाने पर संगठन ने नौ जिलाध्यक्षों समेत 60 पदाधिकारियों को निलंबित कर दिया है। निलंबित पदाधिकारियों में पांच उपाध्यक्ष, 14 महासचिव और 32 सचिव शामिल हैं। सभी को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक संगठन की जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया गया है।
राष्ट्रीय नेतृत्व के निर्देश की अनदेखी पड़ी भारी
एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस ने ‘वोट चोरी’ के मुद्दे पर रैली आयोजित की थी। भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व ने मध्यप्रदेश के पदाधिकारियों को इसमें अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद प्रदेश के 60 पदाधिकारी रैली में नहीं पहुंचे। संगठन ने इसे अनुशासनहीनता और नेतृत्व के निर्देशों की अवहेलना मानते हुए कार्रवाई की है। मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस की ओर से निलंबन आदेश जारी कर दिए गए हैं।
पांच उपाध्यक्ष और 14 महासचिव भी निलंबित
कार्रवाई की जद में आए पांच उपाध्यक्षों में शिवराज यादव, राजवीर सिंह कुड़िया, योगिता सिंह परिहार, प्रमोद सिंह खरे और नीरज पटेल शामिल हैं। वहीं, महासचिव पद पर कार्यरत रोहित राजोरिया, अब्दुल करीम कुरैशी, विनय पांडे और राहुल हितेश ठाकुर समेत कुल 14 महासचिवों को निलंबित किया गया है। इनके अलावा 32 सचिवों पर भी संगठन ने कार्रवाई की है।
नौ जिलाध्यक्षों को भी हटाया
निलंबित जिलाध्यक्षों में मैहर के सौरभ शर्मा, आगर के पृथ्वीराज चौहान, नीमच के मनमोहन शक्तावत, बुरहानपुर के अर्जुन जंगले, अनूपपुर के मनवेंद्र मिश्रा, गुना के पंचम भील, बड़वानी के आदित्य गोयल, छतरपुर के मनवेंद्र सिंह परमार और भिंड के मनीष पुरोहित शामिल हैं। रैली में अनुपस्थिति को लेकर हुई इस कार्रवाई से युवा कांग्रेस के प्रदेश संगठन में अनुशासन और पदाधिकारियों की जवाबदेही का मुद्दा चर्चा में आ गया है।


