मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट पर सोमवार, 26 अक्टूबर 2026 को विराम लगा। शुरुआती कारोबार में भारी बिकवाली का दबाव झेलने के बाद बाजार ने निचले स्तरों से जोरदार वापसी की। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 482.92 अंक यानी 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,606.75 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी 153.21 अंक यानी 0.68 प्रतिशत चढ़कर 22,753.20 के स्तर पर पहुंच गया।
निचले स्तरों से बाजार की मजबूत वापसी
लगातार चार दिनों की गिरावट के बाद सोमवार की तेजी ने निवेशकों को कुछ राहत दी। शुरुआती कारोबार में बिकवाली के दबाव के बावजूद बाजार ने निचले स्तरों से करीब दो प्रतिशत तक की रिकवरी दर्ज की। इससे दोनों प्रमुख सूचकांक दिन के अंत में बढ़त के साथ बंद होने में सफल रहे।
जेएसडब्ल्यू स्टील और बीएसई के शेयरों में तेजी
चुनिंदा बड़े शेयरों में खरीदारी ने बाजार की वापसी को मजबूती दी। मेटल क्षेत्र की प्रमुख कंपनी जेएसडब्ल्यू स्टील का शेयर करीब पांच प्रतिशत उछलकर बंद हुआ। वहीं, बीएसई लिमिटेड के शेयर में लगभग चार प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इन शेयरों में मजबूत लिवाली से बाजार की धारणा को सहारा मिला।
फार्मा और मेटल शेयरों में खरीदारी
क्षेत्रवार कारोबार में फार्मास्यूटिकल्स, हेल्थकेयर, मेटल, सीमेंट, ऑयल एंड गैस तथा चुनिंदा मिडकैप और प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। वित्तीय सेवाओं और निजी बैंकों के शेयरों में भी सीमित बढ़त रही।
इसके विपरीत, वाहन कंपनियों के शेयर लगभग सपाट रहे। एफएमसीजी, मीडिया और उपभोक्ता टिकाऊ वस्तुओं से जुड़े शेयरों में बिकवाली का दबाव दिखाई दिया। इस तरह बाजार में तेजी के बावजूद सभी क्षेत्रों में समान रूप से खरीदारी नहीं हुई।
वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत
भारतीय बाजार की तेजी के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजारों से मिले-जुले संकेत मिले। लंदन समयानुसार सुबह 6:50 बजे तक एसएंडपी 500 फ्यूचर्स में कोई बड़ा बदलाव नहीं था, जबकि नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 0.1 प्रतिशत नीचे था। डाउ जोंस फ्यूचर्स में 0.2 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
एशियाई बाजारों में एमएससीआई एशिया पैसिफिक सूचकांक 0.1 प्रतिशत और एमएससीआई इमर्जिंग मार्केट्स सूचकांक 0.2 प्रतिशत नीचे रहे। हालांकि, हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक 0.5 प्रतिशत चढ़ा, जबकि शंघाई कंपोजिट में स्थिर रुख रहा। यूरो स्टॉक्स फ्यूचर्स में 0.3 प्रतिशत की मजबूती दर्ज की गई।
निवेशकों को मिली राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी
चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद सेंसेक्स और निफ्टी की बढ़त ने बाजार को राहत दी है। हालांकि, विभिन्न क्षेत्रों में कारोबार का मिला-जुला रुख और वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत बताते हैं कि निवेशकों की धारणा अभी पूरी तरह मजबूत नहीं हुई है। आगे बाजार की दिशा तय करने में वैश्विक संकेतों और शेयरों में खरीदारी की निरंतरता की अहम भूमिका रहेगी।


