पटना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के संबंध में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की कथित विवादित टिप्पणी को लेकर बिहार की राजनीति में घमासान शुरू हो गया है। पटना में आयोजित कांग्रेस के एक कार्यक्रम में कथित तौर पर अभद्र और अपमानजनक टिप्पणी किए जाने के मामले में भाजपा नेता कृष्ण कुमार सिंह ने पटना के कोतवाली थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है। इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए खरगे और राहुल गांधी से तत्काल माफी मांगने की मांग की है।
भाजपा नेता ने पुलिस से जांच की मांग की
भाजपा नेता कृष्ण कुमार सिंह ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा है कि उन्हें 25 अक्टूबर को टेलीविजन पर प्रसारित समाचार के माध्यम से खरगे की कथित टिप्पणी की जानकारी मिली। उन्होंने इस टिप्पणी पर आपत्ति जताते हुए इसे सार्वजनिक जीवन में संवाद की मर्यादा और आपसी सम्मान के विरुद्ध बताया।
शिकायतकर्ता ने पुलिस से संबंधित समाचार, वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच कराने का अनुरोध किया है। उन्होंने कहा है कि कथित बयान के वास्तविक शब्दों और उसके संदर्भ की पुष्टि की जानी चाहिए। यदि जांच में कानून का उल्लंघन सामने आता है, तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।
सम्राट चौधरी ने कांग्रेस पर साधा निशाना
इस विवाद पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता के संबंध में कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल किए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी को इस मामले में तत्काल माफी मांगनी चाहिए।
सम्राट चौधरी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी प्रधानमंत्री के परिवार के प्रति दुर्भावना प्रदर्शित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के परिवार को लेकर इस तरह की टिप्पणी करना राजनीतिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेतृत्व से अपने बयान को लेकर स्थिति स्पष्ट करने और माफी मांगने की मांग दोहराई। इस घटनाक्रम के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक टकराव बढ़ने के आसार हैं।
जांच के बाद स्पष्ट होगी स्थिति
फिलहाल, शिकायत में लगाए गए आरोपों और कथित टिप्पणी के वास्तविक संदर्भ की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। मामले में कानूनी कार्रवाई का स्वरूप जांच के निष्कर्षों और उपलब्ध साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।


