More
    Homeधर्म-अध्यात्ममाया से मुक्ति: तप, ध्यान और आत्मबोध का मार्ग

    माया से मुक्ति: तप, ध्यान और आत्मबोध का मार्ग

    Published on

    spot_img

    पंख होत परबस भयो, सुआ के बुद्धि नाहीं।
    अनकिल बिहूना आदमी, यों बंधा जग माहीं॥

    Sant Kabir Das का आशय है कि जैसे पंख होने के बावजूद चतुर तोता पिंजरे में फँस जाता है, उसी प्रकार मनुष्य भी मोह-माया के बंधनों में जकड़ा रहता है। वह जानता है कि यह संसार नश्वर है, फिर भी सांसारिक आकर्षणों से स्वयं को मुक्त नहीं कर पाता।

    जब सुदामा रूपी जीवात्मा कृष्ण रूपी परमात्मा से मिलने के लिए व्याकुल हो उठती है, तब उसके लिए मोक्ष का मार्ग खुल जाता है। ईश्वर की प्राप्ति की सच्ची चाह अंततः आत्मा को उसके वास्तविक स्वरूप तक पहुँचा देती है। हम अक्सर कहते हैं कि संसार का प्रत्येक मनुष्य मोह और माया के वशीभूत है, लेकिन प्रश्न यह है कि इसका वास्तविक कारण क्या है?

    जन्म लेते ही माया मनुष्य की स्मृति पर पर्दा डाल देती है। उसे केवल इस जीवन के संबंध, परिवार, समाज और उनसे जुड़ी अपनी पहचान ही याद रहती है। वह इन्हीं को अंतिम सत्य मानकर अपना लेता है और अपने वास्तविक स्वरूप को भूल जाता है। इसी कारण अनेक महापुरुषों ने आत्मज्ञान की खोज के लिए सांसारिक बंधनों से दूरी बनाई। Mahavira और Gautama Buddha ने भी सत्य की खोज हेतु तप, ध्यान और साधना का मार्ग अपनाया। एकांत और आत्मचिंतन के माध्यम से उन्होंने स्वयं के वास्तविक अस्तित्व को जानने का प्रयास किया।

    तप, ध्यान और साधना के द्वारा जब मनुष्य अपनी पूर्ण चेतना और स्मृति को प्राप्त करता है, तब उसे यह बोध होने लगता है कि उसकी उत्पत्ति कहाँ से हुई, वह जन्म-मरण के इस चक्र में कब से है और उसके जीवन का वास्तविक उद्देश्य क्या है।

    स्वयं के मूल स्वरूप का ज्ञान ही माया से मुक्ति का द्वार खोलता है। जिस क्षण आत्मबोध होता है, उसी क्षण मनुष्य अज्ञान के बंधनों से मुक्त होने लगता है। यही आत्मज्ञान उसे जन्म-मरण के चक्र से पार ले जाकर परम सत्य और परमेश्वर की प्राप्ति की ओर अग्रसर करता है।

    मोक्ष कोई बाहरी उपलब्धि नहीं, बल्कि अपने वास्तविक स्वरूप को पहचान लेने की अवस्था है। जब जीव अपने मूल को जान लेता है, तब माया का प्रभाव समाप्त हो जाता है और वह परम शांति तथा परम आनंद का अनुभव करता है।

    Latest articles

    गुरु रविदास जयंती पर MP में भाजपा का ‘समरसता संकल्प अभियान’, 21 हजार स्थानों पर होगा दीपोत्सव

    29 जुलाई से शुरू होगा अभियान, वाराणसी की जन्मस्थली की पावन मिट्टी लेकर पहुंचेगी...

    MP IAS Transfer: 8 IAS अफसरों को नई जिम्मेदारी, पार्थ जायसवाल बने शहडोल कलेक्टर

    मिशा सिंह को नगरीय प्रशासन में अहम जिम्मेदारी, बालाघाट-छतरपुर समेत चार जिलों के कलेक्टर...

    MP में आंगनवाड़ी बदलाव की नई इबारत लिखेंगे जमीनी अनुभव और डिजिटल नवाचार

    राज्य स्तरीय विचार-मंथन में आयुक्त निधि निवेदिता का कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद, उत्कृष्ट मॉडलों...

    ‘राणा जी 2.0’ रिलीज होते ही माहिरा शर्मा विवादों में

    मुंबई। बॉलीवुड के क्लासिक गानों को नए अंदाज में पेश करने का ट्रेंड लगातार...

    More like this

    गुरु रविदास जयंती पर MP में भाजपा का ‘समरसता संकल्प अभियान’, 21 हजार स्थानों पर होगा दीपोत्सव

    29 जुलाई से शुरू होगा अभियान, वाराणसी की जन्मस्थली की पावन मिट्टी लेकर पहुंचेगी...

    MP IAS Transfer: 8 IAS अफसरों को नई जिम्मेदारी, पार्थ जायसवाल बने शहडोल कलेक्टर

    मिशा सिंह को नगरीय प्रशासन में अहम जिम्मेदारी, बालाघाट-छतरपुर समेत चार जिलों के कलेक्टर...

    MP में आंगनवाड़ी बदलाव की नई इबारत लिखेंगे जमीनी अनुभव और डिजिटल नवाचार

    राज्य स्तरीय विचार-मंथन में आयुक्त निधि निवेदिता का कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद, उत्कृष्ट मॉडलों...