भारत संभालेगा 2030 खेलों की मेजबानी का ध्वज
ग्लास्गो। राष्ट्रमंडल खेल 2026 के समापन समारोह में भारत अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की भव्य प्रस्तुति देगा। इस विशेष कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक-संगीतकार शंकर महादेवन और बॉलीवुड अभिनेत्री रश्मिका मंदाना मुख्य आकर्षण होंगे। इसी अवसर पर भारत आधिकारिक रूप से 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी का दायित्व स्वीकार करेगा, जिनका आयोजन अहमदाबाद में होगा।
भारत को सौंपा जाएगा राष्ट्रमंडल खेलों का ध्वज
2 अगस्त को होने वाले समापन समारोह में राष्ट्रमंडल खेलों का आधिकारिक ध्वज भारत को सौंपा जाएगा। यह परंपरा अगले मेजबान देश को आयोजन की जिम्मेदारी हस्तांतरित करने का प्रतीक मानी जाती है। वर्ष 2030 के खेल अहमदाबाद में आयोजित होंगे, जिससे भारत दूसरी बार इस बहु-खेल प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा। इससे पहले 2010 में नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों का सफल आयोजन हुआ था।
20 मिनट की सांस्कृतिक प्रस्तुति में दिखेगी भारत की विविधता
भारत की प्रस्तुति लगभग 20 मिनट की होगी, जिसमें संगीत, लोक एवं शास्त्रीय नृत्य, पारंपरिक कला और आधुनिक भारतीय संस्कृति की झलक दिखाई जाएगी। यह कार्यक्रम दुनिया के सामने अहमदाबाद 2030 की तैयारियों और भारत की सांस्कृतिक पहचान को प्रस्तुत करेगा।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इस ऐतिहासिक समारोह में शामिल हो सकते हैं, जहां भारत औपचारिक रूप से मेजबानी की जिम्मेदारी स्वीकार करेगा।
23 जुलाई से शुरू होंगे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026
ग्लास्गो में आयोजित होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की शुरुआत 23 जुलाई से होगी। इस बार भारत की ओर से 125 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, जिनमें 77 पुरुष और 48 महिला एथलीट शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ी पैरा स्पोर्ट्स समेत 13 खेलों में अपनी चुनौती पेश करेंगे।
सबसे बड़ा भारतीय दल एथलेटिक्स (32 खिलाड़ी) का है। इसके बाद मुक्केबाजी (14), जूडो (14) और भारोत्तोलन (12) में सबसे अधिक खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।
मीराबाई चानू और लवलीना होंगी ध्वजवाहक
भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन को संयुक्त रूप से भारतीय दल का ध्वजवाहक नियुक्त किया है। दो महिला खिलाड़ियों को यह जिम्मेदारी मिलना भारतीय खेलों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नेतृत्व का मजबूत संदेश माना जा रहा है।
2022 में भारत ने जीते थे 61 पदक
पिछले राष्ट्रमंडल खेल 2022 में भारत ने 210 खिलाड़ियों का दल भेजा था और कुल 61 पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया था। इस बार अपेक्षाकृत छोटा दल होने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों से कई स्पर्धाओं में पदक जीतने की उम्मीद की जा रही है।


