जकार्ता में भारतीय महिला बॉक्सरों का जलवा, चंद्रिका पुजारी, प्राची और निशा ने जीता गोल्ड
जकार्ता। इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आयोजित एशियन अंडर-19 और अंडर-23 बॉक्सिंग चैंपियनशिप 2026 में भारतीय महिला मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया। भारत ने प्रतियोगिता के महिला वर्ग में कुल 19 पदक अपने नाम किए, जिनमें 5 स्वर्ण, 10 रजत और 4 कांस्य पदक शामिल हैं।
भारतीय मुक्केबाजों के इस दमदार प्रदर्शन ने एक बार फिर साबित किया कि एशियाई स्तर पर महिला बॉक्सिंग में भारत लगातार मजबूत ताकत बनकर उभर रहा है।
चंद्रिका पुजारी और प्राची ने दिलाया स्वर्ण
अंडर-19 वर्ग के 51 किलोग्राम भार वर्ग में चंद्रिका पुजारी ने उज्बेकिस्तान की नाजोकत मार्डोनोवा को 5-0 के एकतरफा अंतर से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
वहीं प्राची ने भी अपने फाइनल मुकाबले में मेजबान इंडोनेशिया की दिरा आर्टिका को हराकर भारत के लिए एक और स्वर्ण पदक जीता।
अंडर-19 महिला वर्ग में भारत ने कुल 2 स्वर्ण और 6 रजत पदक जीतकर युवा प्रतिभाओं की मजबूत मौजूदगी का परिचय दिया।
अंडर-23 में भी भारत का दमदार प्रदर्शन
अंडर-23 महिला वर्ग में भी भारतीय मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन किया। इस वर्ग में भारत ने 3 स्वर्ण, 4 रजत और 4 कांस्य पदक जीते।
54 किलोग्राम वर्ग में निशा ने जापान की कोइन कोकुफु को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक हासिल किया। अन्य भारतीय स्वर्ण पदक विजेताओं ने भी अपने-अपने वर्ग में शानदार प्रदर्शन करते हुए पोडियम पर शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
निकिता, काजल और मुस्कान को मिला रजत
भारत की निकिता चंद (60 किग्रा), काजल (65 किग्रा) और मुस्कान (75 किग्रा) ने अपने-अपने फाइनल मुकाबलों में कड़ा संघर्ष किया, लेकिन उज्बेकिस्तान की मजबूत प्रतिद्वंद्वियों से हारने के कारण उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
इसके अलावा भारतीय खिलाड़ियों ने विभिन्न भार वर्गों में सेमीफाइनल तक पहुंचकर चार कांस्य पदक भी अपने नाम किए।
भविष्य के लिए मजबूत प्रतिभाओं का संकेत
इस प्रतियोगिता में भारत के प्रदर्शन ने स्पष्ट संकेत दिया है कि देश के पास महिला बॉक्सिंग में भविष्य के लिए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की मजबूत टीम तैयार है। अंडर-19 और अंडर-23 दोनों वर्गों में शानदार प्रदर्शन भारतीय मुक्केबाजी के उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करता है।


