More
    Homeनारदजी कहिननारदजी कहिन...मप्र के दो मंत्रियों का मोदी मंत्रिमंडल से कट सकता है...

    नारदजी कहिन…मप्र के दो मंत्रियों का मोदी मंत्रिमंडल से कट सकता है पत्ता..!

    Published on

    spot_img

    मप्र के दो मंत्रियों का मोदी मंत्रिमंडल से कट सकता है पत्ता..!

    नई दिल्ली के सियासी गलियारों में हलचल तेज है। ‘टीम नवीन’ के गठन की चर्चाओं के साथ ही मोदी मंत्रिमंडल विस्तार की अटकलों का बाजार गर्म है। बताते हैं कि केंद्र सरकार के सभी मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट तैयार की जा रही है और इसी रिपोर्ट के आधार पर मंत्रियों का भविष्य तय होगा। जिन मंत्रियों का प्रदर्शन संतोषजनक पाया जाएगा, वे अपनी कुर्सी बचाने में सफल रहेंगे, जबकि कमजोर प्रदर्शन वालों को बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है। वर्तमान में मोदी मंत्रिमंडल में मप्र से पांच मंत्री प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। लेकिन इनमें से तीन केंद्रीय मंत्रियों की परफॉर्मेंस रिपोर्ट संतोषजनक नहीं बताई जा रही है। इस कारण कहा जा रहा है कि जब भी मोदी मंत्रिमंडल का विस्तार होगा, मप्र के कम से कम दो मंत्रियों का पत्ता कट सकता है। उनकी जगह मप्र के दो नए चेहरों को मोदी मंत्रिमंडल में अवसर मिल सकता है। अब वे दो नये ‘खुशनसीब’ चेहरे कौन होंगे? यह पता आप लगाइये। लेकिन इतना तय है, आने वाले दिनों में मप्र की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा।

    —–

    मोर्चा अध्यक्ष के ढेंगे पर प्रदेश नेतृत्व !

    मप्र भाजपा के एक युवा नेता (मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष) इन दिनों अपनी कार्यशैली और अंदाज को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए हैं। बताया जाता है कि जब से युवा नेता मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है, तब से इनके पांव जमीन पर नहीं टिक रहे हैं। और नियुक्ति के बाद से युवा नेता अलग ही एजेंडे में व्यस्त हैं। एजेंडा यह कि, आये दिन दिल्ली परिक्रमा कर केंद्रीय मंत्रियों और पदाधिकारियों से तो मेल-मुलाकात कर ही रहे हैं, इसके साथ प्रदेश के मंत्रियों से तालमेल बैठाने में जुटे हैं। बताते हैं कि प्रदेश नेतृत्व युवा नेता को मेल-मुलाकातों से परहेज करने और संगठनात्मक कार्यों पर ध्यान देने की नसीहत भी दे चुका है। लेकिन इसके बावजूद ये युवा नेता हर दिन बुके-शॉल लेकर किसी न किसी वरिष्ठ नेता या मंत्री से मुलाकात करने पहुंच ही जाते हैं। नारदजी कहते हैं कि, युवा नेता संगठनात्मक कार्यों को छोड़कर, मेल-मुलाकातों में इतनी रूचि क्यों ले रहे हैं, यह तो वो जानें, लेकिन उन्होंने यह तो जता ही दिया है कि पार्टी नेतृत्व उनके ढेंगे पर है ?

    —–

    राजनीतिक नियुक्ति के लिए ‘चैनलिया रिपोर्टर’ की सिफारिश!

    मप्र के एक प्रादेशिक न्यूज चैनल के ‘मुखर रिपोर्टर’ के जल्द ही भाजपा की सक्रिय राजनीति में कदम रखने की चर्चाएं हैं। बताया जा रहा है कि इस ‘चैनलिया रिपोर्टर’ सहित तीन नेताओं के नाम प्रदेश सरकार के निगम-मंडलों, प्राधिकरणों अथवा आयोगों में समायोजन के लिए ‘ऊपर’ भेजे गए हैं। सूत्रों के अनुसार, शीर्ष स्तर से की गई सिफारिश में ‘चैनलिया रिपोर्टर’ को एक महत्वपूर्ण आयोग में सदस्य बनाए जाने का विशेष आग्रह किया गया है। बताते हैं कि ‘मुखिया’ की ओर से फिलहाल कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व का रुख अनुकूल करना अभी बाकी है। इस सिलसिले में ‘चैनलिया रिपोर्टर’ इन दिनों दिल्ली दरबार की परिक्रमा कर रहे हैं। अब ‘चैनलिया रिपोर्टर’ की किस्मत, सिफारिश राजनीतिक कुर्सी दिला पाती है या नहीं?

    —–

    साहब का दफ्तर शाम 7 बजे के बाद हो जाता है ‘रंगीन’!

    राजधानी भोपाल स्थित सड़क निर्माण से जुड़े मुख्यालय के एक ‘ बड़े इंजीनियर साहब’ इन दिनों ही अलग ही ‘रंगीन अंदाज’ में नौकरी कर रहे हैं। दिनभर सबको ‘इंटरटेन’ करो, दफ्तर का काम निपटाओ और शाम होते ही सारी औपचारिकताएं भूलकर ‘रंगीन’ अंदाज में ढल जाओ। कहा जाता है कि शाम 7 बजते ही मुख्यालय में ‘इंजीनियर साहब’ की ‘रंगीन महफिल’ सजने लगती है। महफिल में ‘इंजीनियर साहब’ कुछ ‘सुंदर चेहरों’ के साथ देर रात तक मस्ती में डूबे रहते हैं और महफिल उठते-उठते हाल ‘मस्त-मस्त, पस्त-पस्त’ जैसा हो जाता है। नारदजी बताते हैं कि ‘इंजीनियर साहब’ की इन ‘रंगीन महफिलों’ की मुख्यालय से लेकर राज्य मंत्रालय तक चर्चा हैं। लेकिन, कोई एक्शन इसलिए नहीं ले रहा है, क्योंकि ‘इंजीनियर साहब’ ने नीचे से ऊपर तक सबको ‘मैनेज’ जो कर रखा है।

    —-

    भ्रष्टाचार का इनाम, दो-दो मलाईदार विभागों की जिम्मेदारी!

    प्रदेश में शासन-प्रशासन का एक अजीब ही मॉडल नजर आ रहा है। यहां अगर आप पर भ्रष्टाचार और फर्जीवाड़े के आरोप हों, तो घबराने की जरूरत नहीं, क्योंकि सजा की जगह ‘इनाम’ भी मिल सकता है। राजधानी में इन दिनों एक ऐसे ही अधिकारी की नियुक्ति चर्चा का विषय बनी हुई है। बताया जा रहा है कि इस अधिकारी के खिलाफ फर्जी जाति प्रमाण पत्र का मामला लंबित है और आर्थिक अनियमितताओं को लेकर ईओडब्ल्यू में जांच भी जारी है। लेकिन हैरत की बात यह है कि इसके बावजूद सरकार इस अधिकारी पर ‘कृपालु’ बनी नहीं हुई। अधिकारी को न केवल टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, बल्कि नगर निगम में ‘मलाईदार’ विभाग की सौंप दी गई है। नारदजी कहते हैं कि जब किसी अधिकारी पर गंभीर आरोपों की जांच चल रही हो, नियमानुसार तो उसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां नहीं सौंपी जा सकती है? लेकिन जब सरकार ‘कृपालु’ हों, तो कोई कर भी क्या सकता है?

    Latest articles

    भारत का जिम्बाब्वे पर 3-0 से क्लीन स्वीप, वैभव-मयंक बने जीत के हीरो

    हरारे। भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला...

    मीराबाई चानू का स्वर्णिम जलवा: कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड की हैट्रिक

    ग्लास्गो। भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने एक बार फिर इतिहास रच दिया...

    मोटापा, डायबिटीज और हाई बीपी बढ़ने पर सरकार लगा सकती है ‘हेल्थ टैक्स’

    आईसीएमआर-एनआईएन की रिपोर्ट में चेतावनी, जंक फूड और शक्कर वाले पेय पर टैक्स बढ़ाने...

    भोपाल में 67 वर्षीय बुजुर्ग से 3.91 करोड़ की साइबर ठगी

    शेयर मार्केट में करोड़ों के मुनाफे का झांसा देकर फर्जी ऐप से लगाया चूना भोपाल।...

    More like this

    भारत का जिम्बाब्वे पर 3-0 से क्लीन स्वीप, वैभव-मयंक बने जीत के हीरो

    हरारे। भारतीय क्रिकेट टीम ने जिम्बाब्वे के खिलाफ तीन मैचों की टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला...

    मीराबाई चानू का स्वर्णिम जलवा: कॉमनवेल्थ गेम्स में गोल्ड की हैट्रिक

    ग्लास्गो। भारत की स्टार भारोत्तोलक मीराबाई चानू ने एक बार फिर इतिहास रच दिया...

    मोटापा, डायबिटीज और हाई बीपी बढ़ने पर सरकार लगा सकती है ‘हेल्थ टैक्स’

    आईसीएमआर-एनआईएन की रिपोर्ट में चेतावनी, जंक फूड और शक्कर वाले पेय पर टैक्स बढ़ाने...