स्पोर्ट्स डेस्क, लॉस एंजिलिस। महिला क्रिकेट को अधिक समावेशी और खिलाड़ी-केंद्रित बनाने की दिशा में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। आईसीसी ने महिला क्रिकेटरों के लिए नई ‘रिटर्न टू प्ले पोस्ट-प्रेग्नेंसी गाइडलाइंस’ जारी की हैं, जिनका उद्देश्य मातृत्व के बाद खिलाड़ियों की सुरक्षित, वैज्ञानिक और व्यवस्थित तरीके से क्रिकेट में वापसी सुनिश्चित करना है।
नई नीति के तहत खिलाड़ियों के लिए 16 सप्ताह का विशेष सपोर्ट प्रोग्राम तैयार किया गया है। इस दौरान उनकी शारीरिक, मानसिक और चिकित्सकीय स्थिति की लगातार निगरानी की जाएगी, ताकि वे पूरी तरह फिट होकर प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लौट सकें।
छह चरणों में होगी क्रिकेट मैदान पर वापसी
आईसीसी ने इस प्रक्रिया को ‘सिक्स आर फ्रेमवर्क’ नाम दिया है, जिसमें छह महत्वपूर्ण चरण शामिल हैं— रेडी, रिव्यू, रीस्टोर, रीकंडीशन, रिटर्न और रीफाइन। इन चरणों के माध्यम से खिलाड़ी की फिटनेस, मानसिक स्वास्थ्य और खेल के लिए तैयारियों का क्रमबद्ध मूल्यांकन किया जाएगा।
शुरुआती चरण में मातृत्व के बाद शारीरिक और मानसिक संतुलन स्थापित करने पर जोर रहेगा। इसके बाद धीरे-धीरे फिटनेस और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शुरू कराई जाएगी। लगभग आठ सप्ताह बाद खिलाड़ी को विशेषज्ञों की निगरानी में दौड़ने और क्रिकेट संबंधी गतिविधियों में शामिल किया जाएगा।
हर खिलाड़ी के लिए होगा विशेष केस मैनेजर
नई गाइडलाइंस के अनुसार प्रत्येक खिलाड़ी के लिए एक समर्पित केस मैनेजर नियुक्त किया जाएगा, जो डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट हो सकता है। यह विशेषज्ञ खिलाड़ी की रिकवरी प्रक्रिया की निगरानी करेगा और जरूरत पड़ने पर आवश्यक सलाह एवं चिकित्सकीय सहायता उपलब्ध कराएगा।
पूरी मेडिकल जांच के बाद ही मिलेगी मैदान पर वापसी की मंजूरी
आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि खिलाड़ी को प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में लौटने से पहले मांसपेशियों, हड्डियों और पेल्विक फ्लोर से जुड़ी सभी संभावित समस्याओं की जांच से गुजरना होगा। मेडिकल टीम द्वारा पूरी तरह फिट घोषित किए जाने के बाद ही उसे मैदान पर वापसी की अनुमति दी जाएगी।
जय शाह बोले- मातृत्व और करियर में से किसी एक को चुनने की मजबूरी नहीं होनी चाहिए
आईसीसी चेयरमैन Jay Shah ने इस पहल को महिला क्रिकेट के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि किसी भी खिलाड़ी को मातृत्व और अपने देश का प्रतिनिधित्व करने के बीच चुनाव नहीं करना चाहिए। यह नई नीति महिला क्रिकेटरों को बेहतर समर्थन और सुरक्षित वातावरण प्रदान करेगी।
खिलाड़ियों को मिलेंगी अतिरिक्त सुविधाएं
आईसीसी मेडिकल एडवाइजरी कमेटी ने सदस्य देशों को खिलाड़ियों के लिए लचीला प्रशिक्षण कार्यक्रम, चाइल्डकेयर सहायता, स्तनपान और शिशु देखभाल के लिए विशेष सुविधाएं तथा यात्रा सहयोग उपलब्ध कराने की भी सिफारिश की है। इससे खिलाड़ी पारिवारिक जिम्मेदारियों और पेशेवर क्रिकेट के बीच बेहतर संतुलन बना सकेंगी।
वेस्टइंडीज की एफी फ्लेचर ने किया स्वागत
Afy Fletcher, जिन्होंने 2021 में मां बनने के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सफल वापसी की थी, ने आईसीसी के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह नीति महिला खिलाड़ियों को परिवार बढ़ाने और अपने क्रिकेट करियर को आगे बढ़ाने का आत्मविश्वास देगी।
भारत में पहले से है छह महीने के मातृत्व अवकाश का प्रावधान
आईसीसी ने स्पष्ट किया है कि यह गाइडलाइंस सदस्य देशों के स्थानीय श्रम कानूनों के अनुरूप लागू की जाएंगी। भारत में महिलाओं को वर्तमान कानूनों के तहत छह महीने का सवेतन मातृत्व अवकाश मिलता है, जिससे खिलाड़ियों को अतिरिक्त सुरक्षा और समर्थन मिलता है।
महिला क्रिकेट के बढ़ते वैश्विक विस्तार के बीच आईसीसी की यह पहल न केवल खिलाड़ियों के कल्याण को मजबूत करेगी, बल्कि खेल में लैंगिक समानता और दीर्घकालिक करियर सुरक्षा को भी नई दिशा देगी।


