तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता के दौरान रविवार को तनाव बढ़ने की खबरें सामने आईं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम ने दावा किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की कथित चेतावनी से नाराज होकर ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने बातचीत बीच में छोड़ दी और प्रस्तावित संयुक्त फोटो सेशन में शामिल होने से भी इनकार कर दिया।
हालांकि, इस दावे को अमेरिकी अधिकारियों ने खारिज कर दिया है। स्विट्जरलैंड में मौजूद एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरानी प्रतिनिधिमंडल अब भी बातचीत प्रक्रिया का हिस्सा है और उसने मध्यस्थ देशों को वार्ता छोड़ने की कोई सूचना नहीं दी है।
तस्नीम का दावा- ट्रम्प की टिप्पणी से नाराज हुआ ईरान
तस्नीम न्यूज एजेंसी के अनुसार, वार्ता शुरू होने से पहले ट्रम्प ने ईरान से लेबनान में सक्रिय हिजबुल्लाह को नियंत्रित करने की मांग की थी। रिपोर्ट में दावा किया गया कि ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो अमेरिका और अधिक सख्त कदम उठा सकता है।
ईरानी मीडिया के मुताबिक, इस बयान के बाद ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने अपना विरोध दर्ज कराया और संयुक्त फोटो सेशन तथा औपचारिक मुलाकात में हिस्सा नहीं लिया।
अमेरिकी पक्ष ने कहा- बातचीत जारी है
अमेरिकी अधिकारियों ने इन रिपोर्टों को गलत बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच संवाद जारी है। अधिकारियों के मुताबिक, वार्ता प्रक्रिया में कोई रुकावट नहीं आई है और बातचीत के जरिए आगे बढ़ने की कोशिश की जा रही है।
80 मिनट चली अहम बैठक
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के प्रतिनिधियों के बीच रविवार को करीब 80 मिनट तक बातचीत हुई। इस दौरान क्षेत्रीय सुरक्षा, युद्धविराम और पश्चिम एशिया में स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
बैठक में अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance, Shehbaz Sharif और Asim Munir समेत कई वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद रहे।
जेडी वेंस बोले- बातचीत में हुई प्रगति
वार्ता के बाद अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि बातचीत सकारात्मक रही और दोनों पक्षों के बीच कुछ महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रगति हुई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भविष्य में क्षेत्र में शांति और स्थिरता को मजबूत करने के लिए दोनों देश सहयोग कर सकते हैं।
ट्रम्प ने हिजबुल्लाह को लेकर दी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान से लेबनान में अपने सहयोगी संगठन हिजबुल्लाह पर प्रभाव डालने की अपील की। उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र में तनाव कम नहीं हुआ तो अमेरिका पहले से अधिक सख्त रुख अपना सकता है।
लेबनान में संघर्ष जारी, हजारों लोग प्रभावित
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार हालिया संघर्ष में अब तक 4,100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि हजारों लोग घायल हुए हैं। वहीं इजराइल की सेना ने संकेत दिए हैं कि हिजबुल्लाह के साथ संघर्ष दोबारा तेज हो सकता है।
ईरान ने 6 अरब डॉलर मिलने का किया दावा
इस बीच ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने दावा किया है कि अमेरिका के साथ प्रारंभिक समझौते के तहत कतर में जमा ईरान के लगभग 6 अरब डॉलर वापस मिलने का रास्ता साफ हो गया है। उन्होंने कहा कि बातचीत की शुरुआती शर्तें ईरान के हितों के अनुरूप हैं।
मध्य पूर्व पर टिकी दुनिया की नजर
अमेरिका और ईरान के बीच जारी यह वार्ता मध्य पूर्व की राजनीति और सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। ऐसे समय में जब क्षेत्र पहले से कई संघर्षों का सामना कर रहा है, दोनों देशों के बीच किसी भी समझौते या गतिरोध का असर पूरी दुनिया की भू-राजनीति पर पड़ सकता है।


