कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आने लगी है। पिछले चार दिनों में पार्टी के चार राज्यसभा सांसदों ने इस्तीफा दे दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में टीएमसी के भीतर बड़े विभाजन की अटकलें तेज हो गई हैं। ताजा घटनाक्रम में राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक और कोयल मल्लिक ने गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
इससे पहले 10 जून को सुष्मिता देव ने राज्यसभा की सदस्यता छोड़ दी थी, जबकि 8 जून को सुखेंदु शेखर राय ने राज्यसभा और पार्टी दोनों से इस्तीफा दे दिया था। इन इस्तीफों ने टीएमसी नेतृत्व की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पार्टी की बागी सांसद काकोली घोष ने दावा किया है कि टीएमसी के 20 लोकसभा सांसदों ने अलग गुट बना लिया है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी के 80 में से 58 विधायक भी अलग खेमे में जा चुके हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इससे पार्टी के भीतर असंतोष की चर्चाओं को बल मिला है।
कल्याण बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर बोला हमला
टीएमसी के वरिष्ठ सांसद कल्याण बनर्जी ने भी सार्वजनिक रूप से नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को तय करना होगा कि वे उनके साथ हैं या अभिषेक बनर्जी के साथ। कल्याण ने आरोप लगाया कि अभिषेक वरिष्ठ नेताओं का सम्मान नहीं करते और उनके व्यवहार में अहंकार झलकता है। उन्होंने कहा कि यदि पार्टी पूरी तरह अभिषेक बनर्जी के भरोसे चलनी है, तो उन्हें अलग कर दिया जाए। वहीं यदि ममता बनर्जी अलग रास्ता चुनती हैं, तो वे उनके साथ खड़े रहेंगे। कल्याण बनर्जी ने यह भी आरोप लगाया कि एक महत्वपूर्ण मामले से जुड़े वकीलों को आधी रात में बदल दिया गया, जिसमें उनका नाम भी शामिल था, जो उनके लिए अपमानजनक था।
इस्तीफे के बाद क्या बोले प्रकाश चिक बराइक
इस्तीफे के बाद प्रकाश चिक बराइक ने कहा कि पश्चिम बंगाल में जनता का रुझान भाजपा की ओर दिखाई दिया और उनके क्षेत्र में पार्टी एक भी सीट नहीं जीत सकी। उन्होंने कहा कि जनादेश का सम्मान करते हुए उन्होंने पद छोड़ने का फैसला लिया है। बराइक ने भविष्य को लेकर संकेत देते हुए कहा कि अभी बहुत कुछ सामने आना बाकी है। उन्होंने कहा, “मैं अभी बूढ़ा नहीं हुआ हूं, समय बताएगा कि आगे क्या करना है।”
कोयल मल्लिक के इस्तीफे पर प्रक्रिया जारी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कोयल मल्लिक ने अपना इस्तीफा ईमेल के माध्यम से भेजा है। राज्यसभा सचिवालय ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर इस्तीफा सौंपने के लिए कहा है। इस कारण उनके इस्तीफे की औपचारिक प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। टीएमसी में लगातार हो रहे इस्तीफों और वरिष्ठ नेताओं की खुली नाराजगी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।


