कैबिनेट ने संशोधित लागत को दी मंजूरी, 2016 के मुकाबले 3,792 करोड़ रुपए की बढ़ोतरी
कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया कि भोपाल मेट्रो परियोजना वर्ष 2016 में तैयार की गई थी। उस समय इसकी अनुमानित लागत 6,241 करोड़ रुपए आंकी गई थी, लेकिन समय के साथ निर्माण लागत और अन्य खर्च बढ़ने के कारण अब परियोजना की लागत बढ़कर 10,033 करोड़ रुपए हो गई है।
सरकार का कहना है कि संशोधित लागत को मंजूरी मिलने से निर्माण कार्यों में तेजी आएगी और परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सकेगा। सरकार का दावा है कि अगले दो वर्षों में भोपाल मेट्रो का स्वरूप और अधिक स्पष्ट रूप से नजर आने लगेगा।
कैबिनेट बैठक के दौरान प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। मंत्री काश्यप ने बताया कि योजना के उत्साहजनक परिणाम सामने आ रहे हैं और अधिक से अधिक लोगों तक इसका लाभ पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन और शासन के 12 वर्ष पूर्ण होने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह देश के विकास और जनकल्याण के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण उपलब्धि है। मुख्यमंत्री ने बताया कि 5 जून से 21 जून तक प्रदेशभर में विभिन्न जनकल्याणकारी और विकासोन्मुख कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। बैठक में प्रधानमंत्री के कार्यकाल में गरीबी उन्मूलन और विकास कार्यों की गति पर भी चर्चा की गई।
भोपाल मेट्रो एक नजर में
-वर्ष 2016 में तैयार हुई थी परियोजना
-प्रारंभिक अनुमानित लागत: 6,241 करोड़ रुपए
-संशोधित लागत: 10,033 करोड़ रुपए
-लागत में बढ़ोतरी: 3,792 करोड़ रुपए
-कैबिनेट ने बढ़ी हुई लागत को दी मंजूरी
कैबिनेट की अन्य प्रमुख बातें
-पीएम सूर्य घर योजना के सकारात्मक परिणामों पर चर्चा
-योजना के प्रचार-प्रसार के लिए जागरूकता अभियान जारी
-प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्ष पूरे होने पर विशेष कार्यक्रमों की रूपरेखा
-5 जून से 21 जून तक प्रदेशभर में विकास और जनकल्याण कार्यक्रम


