भोपाल । एक ओर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री लगातार सरकारी खर्चों में मितव्ययिता और ईंधन बचत का संदेश दे रहे हैं, वहीं नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की आगामी समीक्षा बैठक को लेकर उठे इंतजाम सवालों के घेरे में आ गए हैं।13 जून को सुंदरलाल पटवा राष्ट्रीय शहरी प्रबंधन संस्थान में आयोजित होने वाली एक दिवसीय बैठक के लिए करीब 150 वाहनों के चालकों हेतु भोजन पैकेट की व्यवस्था की गई है। विभाग के प्रमुख अभियंता प्रदीप एस. मिश्रा के अनुसार बैठक में प्रदेश के नगरीय निकायों से लगभग 850 अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ और ठेकेदार भाग लेंगे।
बैठक में अमृत-1 और अमृत-2.0 परियोजनाओं की भौतिक और वित्तीय प्रगति की समीक्षा होगी। प्रतिभागियों के लिए सुबह नाश्ता, दोपहर भोजन और शाम की चाय की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही 60 वरिष्ठ अधिकारियों के लिए वीआईपी भोजन का प्रबंध भी प्रस्तावित है।
वित्तीय स्थिति और खर्च पर सवाल
प्रदेश के कई नगर निकाय वित्तीय संकट में हैं, कर्मचारियों के वेतन में देरी हो रही है, और विभाग स्वयं ईंधन व प्रशासनिक खर्चों में कटौती कर रहा है। ऐसे समय में सैकड़ों वाहनों और विशेष व्यवस्थाओं वाले आयोजन पर खर्च को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
सादगी के संदेश और जमीन पर अमल का अंतर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री मोहन यादव ने वाहनों की संख्या घटाकर सादगी का संदेश दिया है। कई मंत्रियों ने फॉलो वाहन कम किए, जबकि कुछ निगम-मंडलों के अध्यक्ष अतिरिक्त वाहन वापस कर चुके हैं। इसके बावजूद नगरीय प्रशासन विभाग की बैठक के लिए बड़े पैमाने पर वाहन और व्यवस्थाएं सरकारी खर्च में सादगी और वास्तविक क्रियान्वयन के बीच अंतर को उजागर कर रही हैं।


