भोपाल। मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार को भारतीय जनता पार्टी अपनी ताकत का बड़ा प्रदर्शन करने जा रही है। लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ के नारे के साथ आयोजित होने वाली इस पदयात्रा में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल शामिल होंगे। पार्टी ने इस आयोजन के जरिए राजधानी में व्यापक जनसमर्थन प्रदर्शित करने की तैयारी की है। इसके लिए करीब एक लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
पदयात्रा सुबह 10 बजे टीटी नगर स्थित अटल पथ के प्लेटिनम प्लाजा से प्रारंभ होगी। यहां से यात्रा रोशनपुरा तक पहुंचेगी। इसमें प्रदेश सरकार के मंत्री, भाजपा के प्रदेश पदाधिकारी, सांसद-विधायक, अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता शामिल होंगे। पार्टी संगठन ने आयोजन को सफल बनाने के लिए कार्यकर्ताओं को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी हैं।
समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने की रणनीति
भाजपा इस पदयात्रा को केवल संगठनात्मक कार्यक्रम तक सीमित नहीं रखना चाहती, बल्कि इसमें समाज के विभिन्न वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित करने पर जोर दे रही है। महिलाओं, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों, खेल संगठनों के प्रतिनिधियों और शहर के गणमान्य नागरिकों को भी आमंत्रित किया गया है। पार्टी की कोशिश है कि पदयात्रा में राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ सामाजिक और व्यावसायिक संगठनों की मौजूदगी भी दिखाई दे।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा की भागीदारी से इस आयोजन का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है। मुख्यमंत्री और प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की मौजूदगी में पार्टी नेतृत्व राजधानी से प्रदेशभर के कार्यकर्ताओं और आम लोगों तक अपना राजनीतिक संदेश पहुंचाने की तैयारी में है।
एसआईआर के मुद्दे पर कांग्रेस को जवाब
इस पदयात्रा के पीछे भाजपा की एक प्रमुख रणनीति मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर कांग्रेस के आरोपों का जवाब देना है। पार्टी इस अभियान के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया, लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं की विश्वसनीयता के पक्ष में अपना दृष्टिकोण सामने रखना चाहती है।
भाजपा का कहना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं की निष्पक्षता और चुनावी व्यवस्था में जनता का विश्वास बनाए रखना जरूरी है। पार्टी इस मुद्दे पर कांग्रेस के विरोध और आरोपों के जवाब में जनसमर्थन जुटाने की कोशिश कर रही है।
गौरतलब है कि इसी अभियान के तहत इंदौर और जबलपुर में भी पदयात्राएं आयोजित की जा चुकी हैं। भोपाल का आयोजन इस अभियान की अगली महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है। एक लाख लोगों की भागीदारी का लक्ष्य रखकर भाजपा राजधानी में अपनी संगठनात्मक ताकत, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और सामाजिक संपर्क का व्यापक प्रदर्शन करना चाहती है।


