वाशिंगटन/तेहरान। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान के दक्षिणी हिस्से में पांच धमाकों की खबर सामने आई है। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित क्यूशम द्वीप और बंदर लेंगेह में विस्फोट होने की सूचना है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी के मुताबिक, क्यूशम द्वीप पर पांच धमाकों की आवाज सुनी गई, जबकि बंदर लेंगेह में भी कई विस्फोटों की खबर है। स्थानीय लोगों ने आसमान में दो विमानों को उड़ते देखने का दावा किया है। हालांकि, धमाकों की वजह और संभावित नुकसान को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से आई वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि क्यूशम द्वीप पर हमला पिछले कुछ हफ्तों से जारी गुप्त अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों का हिस्सा हो सकता है। हालांकि, इन खबरों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
होर्मुज के पास बढ़ी सैन्य हलचल
धमाकों की खबर ऐसे समय आई है, जब होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास सैन्य गतिविधियों को लेकर तनाव बढ़ रहा है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। यहां किसी भी सैन्य टकराव का असर अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है।
ईरान का तीन अमेरिकी ड्रोन गिराने का दावा
धमाकों से पहले ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) की एयरोस्पेस फोर्स ने दावा किया था कि उसने होर्मुज क्षेत्र में तीन अमेरिकी ड्रोन मार गिराए हैं। ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के अनुसार, क्यूशम द्वीप के दक्षिण में दो आरक्यू-170 टोही ड्रोन को इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम की मदद से गिराया गया।
आईआरजीसी ने अलग बयान में एक अमेरिकी एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को भी नष्ट करने का दावा किया। संगठन के मुताबिक, इस कार्रवाई में ईरान की नई वायु रक्षा प्रणाली का इस्तेमाल किया गया। उसने इसे अपना 55वां एमक्यू-9 ड्रोन गिराने का दावा बताया है। अमेरिकी अधिकारियों की ओर से इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है।
ट्रंप को समझौते की उम्मीद
सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते को लेकर सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि दोनों देशों के बीच युद्ध की आशंका कम होने से कच्चे तेल की कीमतों में करीब 10 डॉलर प्रति बैरल की गिरावट आई है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान जल्द समझौता करना चाहता है और बातचीत सफल हो सकती है।
मध्यावधि चुनाव के बाद ईरान पर हमले की संभावना को लेकर पूछे गए सवाल पर ट्रंप ने संक्षिप्त जवाब में कहा, ‘नहीं।’ वहीं, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी बातचीत में प्रगति होने की उम्मीद जताई है।
ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि यदि उनके देश पर दोबारा सैन्य कार्रवाई हुई तो उसका जवाब पहले से अधिक ताकत के साथ दिया जाएगा। ऐसे में दोनों देशों के बीच एक ओर कूटनीतिक बातचीत से समझौते की उम्मीद बनी हुई है, तो दूसरी ओर सैन्य टकराव का खतरा भी बरकरार है। क्यूशम द्वीप और बंदर लेंगेह में हुए धमाकों ने क्षेत्रीय तनाव को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।


