हरदा। खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी की वाहन से कुचलकर हुई मौत के मामले में आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। अवैध शराब परिवहन से जुड़े मामले में टिमरनी की तीन कंपोजिट मदिरा दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। वहीं आबकारी विभाग के तीन कर्मचारियों को भी कर्तव्य में लापरवाही और शिथिलता बरतने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने टिमरनी वृत्त में पदस्थ सहायक जिला आबकारी अधिकारी अमर सिंह बघेल तथा आबकारी आरक्षक अरुण कुमरे और कृष्णपाल सिंह डोडियार को निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। दूसरी ओर हरदा कलेक्टर कुमार सत्यम ने लायसेंसी पाटेन्द्र जायसवाल की सोडलपुर रोड टिमरनी, रहटगांव और हरदा रोड टिमरनी स्थित कंपोजिट मदिरा दुकानों के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। कलेक्टर ने लायसेंसी को सूचना पत्र जारी कर 24 घंटे के भीतर स्पष्टीकरण देने के निर्देश भी दिए हैं।
जिला आबकारी अधिकारी सुनील भोजने ने बताया कि 1 नवंबर की रात करीब एक बजे खातेगांव थाना प्रभारी को मिली सूचना के आधार पर इंदौर-बैतूल हाईवे पर वाहनों की जांच की जा रही थी। इसी दौरान टिमरनी क्षेत्र की सोडलपुर रोड स्थित कंपोजिट मदिरा दुकान से अवैध रूप से विदेशी शराब का परिवहन किए जाने की जानकारी सामने आई। शराब से भरे वाहन (क्रमांक एमपी 43 एच 4786) को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक थाना प्रभारी को कुचलते हुए वाहन लेकर फरार हो गया। इस घटना में थाना प्रभारी की मौत हो गई।
जिला आबकारी अधिकारी के अनुसार प्रारंभिक जांच में वाहन में भरी शराब का परिवहन सोडलपुर रोड टिमरनी स्थित कंपोजिट मदिरा दुकान से किया जाना प्रतीत हुआ है। इसी आधार पर संबंधित दुकानों के लाइसेंस निलंबित करने के साथ आबकारी विभाग के तीन कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। मामले में लायसेंसी से जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।


