बैतूल। भाजपा के वरिष्ठ नेता और आमला विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक चेतराम मानेकर का रविवार सुबह निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे और भोपाल स्थित एम्स में उनका उपचार चल रहा था। उनके निधन की खबर से जिले के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर फैल गई। राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक एवं व्यापारी संगठनों और आम लोगों ने उनके निधन पर दुख जताया।
चेतराम मानेकर आमला विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक चुने गए थे। उन्हें भाजपा का जमीनी नेता माना जाता था। सरल स्वभाव और क्षेत्र में मजबूत जनाधार के चलते उनकी अलग पहचान थी।
2008 में 29 हजार वोटों से जीते, 2013 में बनाया रिकॉर्ड
परिसीमन के बाद वर्ष 2008 में सारनी को आमला विधानसभा क्षेत्र में शामिल किया गया था। इसके बाद भाजपा ने चेतराम मानेकर को चुनाव मैदान में उतारा। उन्होंने करीब 29 हजार मतों के बड़े अंतर से जीत दर्ज कर पहली बार विधानसभा में प्रवेश किया।
वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में मानेकर ने अपनी लोकप्रियता और राजनीतिक पकड़ का एक बार फिर प्रदर्शन किया। उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी को 39 हजार 602 मतों से पराजित किया। यह आमला विधानसभा क्षेत्र के चुनावी इतिहास की सबसे बड़ी जीत मानी जाती है। उनका यह रिकॉर्ड अब तक कायम है।
वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उनका टिकट काटकर डॉ. योगेश पंडाग्रे को प्रत्याशी बनाया था। हालांकि, इसके बाद भी क्षेत्र में चेतराम मानेकर का प्रभाव और जनाधार बना रहा।
शिक्षा के क्षेत्र में भी निभाई जिम्मेदारी
विधायक रहते हुए मानेकर ने शिक्षा के क्षेत्र में भी योगदान दिया। उन्होंने शासकीय डॉ. अंबेडकर महाविद्यालय, आमला की जनभागीदारी समिति के अध्यक्ष के रूप में दो बार जिम्मेदारी संभाली। इस दौरान महाविद्यालय के विकास और शैक्षणिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए काम किया।
उनका राजनीतिक जीवन जनसेवा और क्षेत्र के विकास से जुड़ा रहा। उनके निधन को बैतूल जिले के राजनीतिक और सामाजिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
2 नवंबर को निकलेगी अंतिम यात्रा
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, चेतराम मानेकर की अंतिम यात्रा सोमवार, 2 नवंबर को सुबह करीब 10 बजे बैतूल स्थित उनके निवास से निकलेगी। अंतिम यात्रा गंज मोक्षधाम पहुंचेगी, जहां उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।


