तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) ने कुवैत और बहरीन पर हुए हालिया हमलों को कायराना करार देते हुए कहा कि इससे क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता खतरे में है। GCC महासचिव जासिम मोहम्मद अलबुदैवी ने बताया कि ईरान के कदम अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र के नियमों का उल्लंघन हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से सख्त कार्रवाई की अपील की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि ईरान के खिलाफ कोई भी कार्रवाई उनका व्यक्तिगत निर्णय था। ट्रम्प ने साफ किया कि इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने उन्हें प्रभावित नहीं किया। इधर कुवैत एयरपोर्ट पर ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमले में 1 भारतीय नागरिक की मौत हुई और 63 लोग घायल हुए। एयरपोर्ट को नुकसान पहुंचा और उड़ानों को अस्थायी रूप से रोका गया।
ईरान की चेतावनी- जमीन का इस्तेमाल हुआ तो होगा जवाब
तेहरान ने स्पष्ट किया कि अगर किसी देश की भूमि का इस्तेमाल ईरान पर हमला करने के लिए किया गया, तो उसका जवाब दिया जाएगा। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि प्रस्तावित समझौते में ईरान ने परमाणु हथियार न बनाने का वादा किया है।
ट्रम्प-नेतन्याहू विवाद और लेबनान में सैन्य कार्रवाई
लेबनान में इजराइली हमलों और हिजबुल्लाह की कार्रवाई को लेकर ट्रम्प ने नेतन्याहू पर नाराजगी जताई और उन्हें ‘पागल’ कहा। इसी बीच, लेबनान में 13 हमलों का दावा हिजबुल्लाह ने किया और इजराइल ने कई क्षेत्रों पर हवाई हमले कर नागरिकों को घर खाली करने का आदेश दिया।


