जबलपुर/भोपाल। Madhya Pradesh High Court : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर पीठ ने पूर्व पार्षद मोहम्मद सऊद को राहत देते हुए उनका शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के भोपाल कलेक्टर के 2 अप्रैल 2026 के आदेश को रद्द कर दिया है। कोर्ट के फैसले के बाद 18 मार्च 2026 का आदेश प्रभावी रहेगा, जिसके तहत सऊद का शस्त्र लाइसेंस स्पोर्ट्स श्रेणी से आत्मरक्षा श्रेणी में परिवर्तित किया गया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने कलेक्टर को मामले में कानून के अनुसार दोबारा परीक्षण करने की छूट दी है।
मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति मनिंदर सिंह भट्टी की एकलपीठ ने याचिका क्रमांक WP No. 40914/2026 में की। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विशाल विन्सेंट राजेंद्र डेनियल और अजहर हसन खान ने पक्ष रखा।
2012 में मिला था राइफल का लाइसेंस
मोहम्मद सऊद को वर्ष 2012 में आत्मरक्षा के लिए .30-06 बोर राइफल का लाइसेंस दिया गया था। बाद में राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय निशानेबाज होने के आधार पर उन्हें .32 बोर पिस्टल और खेल कोटे के तहत कारतूस की अनुमति भी मिली।
वर्ष 2025-26 में भोपाल जिले में खेल कोटे के शस्त्र लाइसेंसधारियों की जांच के लिए संयुक्त जांच दल गठित किया गया था। जांच के आधार पर कलेक्टर ने 18 मार्च 2026 को लाइसेंस को स्पोर्ट्स श्रेणी से आत्मरक्षा श्रेणी में बदलते हुए प्रकरण नस्तीबद्ध कर दिया।
संशोधित रिपोर्ट के आधार पर रद्द किया था लाइसेंस
इसके करीब 15 दिन बाद, 2 अप्रैल 2026 को संयुक्त जांच दल ने संशोधित रिपोर्ट पेश की। इसमें सऊद के वर्ष 2017 के बाद किसी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लेने का उल्लेख करते हुए उन्हें निष्क्रिय निशानेबाज बताया गया। इस रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर ने उसी दिन उनका शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिया और 30 दिनों के भीतर हथियार बेचने के निर्देश दिए।
सऊद ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी। उनकी ओर से दलील दी गई कि कलेक्टर 18 मार्च को ही मामले में निर्णय लेकर प्रकरण नस्तीबद्ध कर चुके थे। ऐसे में बिना नया नोटिस दिए और सुनवाई का अवसर उपलब्ध कराए उसी मामले में दोबारा कार्रवाई करना उचित नहीं था।
कलेक्टर को 60 दिन में निर्णय लेना होगा
हाईकोर्ट ने 2 अप्रैल के निरस्तीकरण आदेश को रद्द कर दिया। साथ ही कलेक्टर को निर्देश दिया कि वे सऊद की शस्त्र लाइसेंस रखने की पात्रता और आवश्यकता का कानून के अनुसार दोबारा परीक्षण करें तथा 60 दिनों के भीतर विधिसम्मत निर्णय लें।
इसके लिए मोहम्मद सऊद को 26 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। इस फैसले से फिलहाल लाइसेंस निरस्तीकरण का आदेश समाप्त हो गया है, लेकिन शस्त्र लाइसेंस को लेकर अंतिम निर्णय कलेक्टर के नए परीक्षण के बाद होगा।



