मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 4 नवंबर 2026 को मजबूती के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स और एनएसई निफ्टी दोनों हरे निशान में रहे। सेंसेक्स करीब 340 अंक चढ़कर 77,250 के पार पहुंच गया, जबकि निफ्टी ने भी 23,850 का महत्वपूर्ण स्तर पार कर लिया। बाजार में इस तेजी से निवेशकों का उत्साह बढ़ा। हालांकि, वैश्विक बाजारों से मिल रहे कमजोर संकेतों और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के बीच निवेशकों की नजर आगे के कारोबार पर बनी हुई है।
सुबह 9 बजकर 22 मिनट पर सेंसेक्स 339.83 अंक यानी 0.44 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,257.68 के स्तर पर कारोबार कर रहा था। वहीं, निफ्टी 83.06 अंक यानी 0.35 प्रतिशत चढ़कर 23,893.90 पर पहुंच गया। बाजार के प्रमुख सूचकांकों में शुरुआती तेजी के साथ व्यापक बाजार में भी सकारात्मक रुख देखने को मिला।
रुपये में भी मजबूती
शेयर बाजार के साथ भारतीय मुद्रा के मोर्चे पर भी राहत की खबर रही। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, अमेरिकी डॉलर की कमजोरी और विदेशी निवेशकों की पूंजी आवक के बीच बुधवार को शुरुआती कारोबार में रुपया 14 पैसे मजबूत होकर 94.61 रुपये प्रति डॉलर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी भारत जैसे आयात पर निर्भर देश के लिए सकारात्मक मानी जाती है। इससे आयात बिल और महंगाई के दबाव में राहत मिलने की उम्मीद रहती है।
एफएमसीजी शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी
क्षेत्रीय सूचकांकों में निफ्टी एफएमसीजी सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सूचकांक रहा। इसमें करीब 1.5 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा व्यापक बाजार के अधिकांश सूचकांक भी हरे निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। हालांकि, बाजार में उतार-चढ़ाव का संकेत देने वाले इंडिया वीआईएक्स में करीब 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इससे संकेत मिलता है कि निवेशकों के बीच अनिश्चितता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
अमेरिकी चुनाव के नतीजों पर निवेशकों की नजर
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के नतीजे भी वैश्विक निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं। शुरुआती चुनावी रुझानों में डेमोक्रेटिक पार्टी के बेहतर प्रदर्शन के संकेतों के बीच निवेशक अमेरिकी नीतियों में संभावित बदलावों का आकलन कर रहे हैं। चुनाव परिणामों का असर अमेरिकी अर्थव्यवस्था, मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक हालात, ऊर्जा कीमतों और वैश्विक व्यापार नीतियों पर पड़ सकता है। इसके अलावा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और डेटा सेंटर में होने वाले निवेश पर भी इन नतीजों का प्रभाव पड़ने की संभावना है।
वैश्विक बाजारों में कमजोरी
भारतीय बाजार में तेजी के उलट एशियाई और यूरोपीय बाजारों के संकेत कमजोर रहे। टोक्यो समयानुसार दोपहर 12:26 बजे एसएंडपी 500 वायदा 1.1 प्रतिशत और यूरो स्टॉक्स 50 वायदा 1.4 प्रतिशत नीचे कारोबार कर रहे थे। जापान का निक्केई 225 वायदा 3.9 प्रतिशत और टॉपिक्स 2.5 प्रतिशत गिरा। ऑस्ट्रेलिया का एसएंडपी/एएसएक्स 200 भी 0.7 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि हांगकांग का हैंग सेंग 0.1 प्रतिशत फिसला। शंघाई कंपोजिट में मामूली बदलाव हुआ।


