नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ गतिविधियों में शामिल 23 लोगों को आधिकारिक रूप से आतंकवादी घोषित किया है। गृह मंत्रालय की नई सूची में एक ऐसा पाकिस्तानी नागरिक भी शामिल है, जिस पर अयोध्या स्थित राम मंदिर और नागपुर में आरएसएस मुख्यालय की कथित रेकी से जुड़े होने का आरोप है।
सरकार के अनुसार, आरोपी की पहचान मोहम्मद मुसादिक के रूप में हुई है, जिसे प्रतिबंधित आतंकी संगठन से जुड़ा बताया गया है। अधिकारियों का दावा है कि वह आतंकी सरगना Hafiz Saeed का रिश्तेदार है। हालांकि, अधिकारियों ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि कथित रेकी कब हुई थी और इसमें उसकी भूमिका प्रत्यक्ष थी या अप्रत्यक्ष।
सरकार के मुताबिक, सूची में शामिल सभी 23 व्यक्ति Jaish-e-Mohammed, Lashkar-e-Taiba, The Resistance Front और Jamaat-ud-Dawa जैसे प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े हैं। इन पर आतंकियों की भर्ती, भारत में घुसपैठ, आतंकी हमलों की साजिश, आतंक के लिए फंडिंग, हथियार उपलब्ध कराने और अन्य सहयोग देने के आरोप हैं।
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नई सूची में शामिल 23 लोगों में 6 जम्मू-कश्मीर के मूल निवासी हैं, जबकि 17 पाकिस्तान से जुड़े बताए गए हैं। इनमें 7 पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और 10 पाकिस्तान में रह रहे हैं। इसके साथ ही भारत सरकार द्वारा घोषित आतंकवादियों की कुल संख्या बढ़कर 80 हो गई है।
नगरोटा और सुनजवां हमलों से भी जुड़े हैं कुछ नाम
सरकार के अनुसार, सूची में शामिल कुछ आतंकियों का संबंध वर्ष 2016 के नगरोटा आर्मी कैंप हमले और 2022 के सुनजवां आतंकी हमले से भी है।
29 नवंबर 2016 को जम्मू के नगरोटा आर्मी कैंप पर हुए आतंकी हमले में 7 भारतीय सैनिक शहीद हुए थे। जांच एजेंसियों ने इस हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद की भूमिका बताई थी।
इसके अलावा, 22 अप्रैल 2022 को जम्मू के सुनजवां क्षेत्र में सुरक्षा बलों के वाहन पर हुए हमले की जिम्मेदारी द रेजिस्टेंस फ्रंट ने ली थी। जांच में सीमा पार से संचालित आतंकी नेटवर्क की भूमिका सामने आई थी।


