CCTV वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के एरोड्रम थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की को अश्लील मैसेज भेजने के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। शिकायत लेकर पहुंचे परिवार के साथ कथित तौर पर जमकर मारपीट की गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि गंभीर मामले के बावजूद पुलिस ने सामान्य धाराओं में केस दर्ज कर कार्रवाई को हल्का कर दिया।
जानकारी के अनुसार अंबिकापुरी निवासी एक महिला ने एरोड्रम थाने में शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि 23 मई की शाम उनकी नाबालिग बेटी के मोबाइल पर विश्व प्रताप सिंह ठाकुर नामक युवक ने अश्लील मैसेज भेजे थे। इस मामले में बात करने के लिए महिला अपने पति और बेटे के साथ आरोपी के घर पहुंची थीं।
पीड़ित परिवार के मुताबिक बातचीत के दौरान आरोपी विश्व प्रताप गुस्से में आ गया और धमकियां देने लगा। इसी बीच उसके पिता और अन्य लोग भी वहां पहुंच गए। आरोप है कि बिना बातचीत किए ही परिवार पर हमला कर दिया गया।
महिला ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने लकड़ी, स्टंप और लात-घूंसों से हमला किया। बीच-बचाव करने पहुंची महिला और उनकी नाबालिग बेटी को भी नहीं छोड़ा गया। मारपीट के दौरान महिला बेहोश होकर गिर गई थीं। घटना में परिवार के कई सदस्य घायल हुए हैं।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना के बाद भी आरोपी लगातार धमकी देते रहे। बाद में महिला के पति ने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को बुलाया। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।
इस पूरे मामले का CCTV वीडियो भी सामने आया है, जिसमें मारपीट की घटना दिखाई दे रही है। वीडियो सामने आने के बाद इलाके में मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
गुरुवार को पीड़ित परिवार ने डीसीपी कार्यालय पहुंचकर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। महिला का आरोप है कि आरोपी पक्ष प्रभावशाली है और आरोपी के पिता सरकारी नौकरी में होने के कारण पुलिस ने गंभीर धाराओं के बजाय सामान्य मारपीट का केस दर्ज किया।
पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत वापस लेने और समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। फिलहाल एरोड्रम पुलिस ने विश्व प्रताप सिंह ठाकुर, शुभ, दादा, तनिष और अन्य साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और CCTV फुटेज सहित सभी तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


