जानिए नए शुल्क और किसे मिलेगी छूट
नई दिल्ली। विदेश यात्रा, उच्च शिक्षा, रोजगार या व्यवसाय के लिए विदेश जाने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए महत्वपूर्ण खबर है। केंद्र सरकार ने पासपोर्ट सेवाओं की फीस में बड़ा बदलाव करते हुए नए शुल्क लागू करने का फैसला किया है। विदेश मंत्रालय द्वारा जारी पासपोर्ट (संशोधन) नियम, 2026 के अनुसार नई दरें 1 जुलाई 2026 से देशभर में प्रभावी हो जाएंगी। इसके बाद नया पासपोर्ट बनवाने, पासपोर्ट रिन्यू कराने या खोए हुए पासपोर्ट का डुप्लीकेट बनवाने के लिए पहले की तुलना में अधिक राशि चुकानी होगी।
सरकार का कहना है कि पासपोर्ट सेवाओं के आधुनिकीकरण, डिजिटल सुविधाओं के विस्तार और प्रशासनिक लागत में वृद्धि को देखते हुए शुल्क में संशोधन किया गया है। नई व्यवस्था का असर सबसे अधिक उन लोगों पर पड़ेगा जो पहली बार पासपोर्ट बनवा रहे हैं या निकट भविष्य में विदेश यात्रा की योजना बना रहे हैं।
वयस्कों के लिए बढ़ी पासपोर्ट फीस
18 वर्ष या उससे अधिक आयु के आवेदकों के लिए 36 पेज वाले सामान्य पासपोर्ट की फीस 1,500 रुपये से बढ़ाकर 2,500 रुपये कर दी गई है। यानी अब नए पासपोर्ट के लिए 1,000 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे। यदि कोई व्यक्ति तत्काल सेवा के तहत पासपोर्ट बनवाना चाहता है तो उसे 5,000 रुपये का शुल्क देना होगा।
वहीं, अधिक यात्रा करने वाले लोगों के लिए जारी होने वाले 60 पेज के पासपोर्ट की फीस भी बढ़ाई गई है। इसके लिए अब 3,500 रुपये शुल्क देना होगा, जबकि पहले यह 2,000 रुपये था। तत्काल श्रेणी में इसके लिए 6,000 रुपये निर्धारित किए गए हैं।
बच्चों के पासपोर्ट पर भी बढ़ा खर्च
18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए भी पासपोर्ट बनवाना महंगा हो गया है। बच्चों के 36 पेज वाले पासपोर्ट की फीस 1,000 रुपये से बढ़ाकर 1,750 रुपये कर दी गई है। यदि तत्काल श्रेणी में आवेदन किया जाता है तो 4,250 रुपये का भुगतान करना होगा।
गौरतलब है कि नाबालिगों को जारी किया गया पासपोर्ट 5 वर्ष या उनके 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक, जो भी पहले हो, वैध रहता है। इसके बाद नया पासपोर्ट बनवाना आवश्यक होता है।
खोया या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट बदलवाना पड़ेगा और महंगा
यदि किसी व्यक्ति का पासपोर्ट गुम हो जाता है, चोरी हो जाता है या क्षतिग्रस्त हो जाता है तो उसे नया पासपोर्ट जारी कराने के लिए पहले से कहीं अधिक शुल्क देना होगा।
36 पेज वाले रिप्लेसमेंट पासपोर्ट के लिए सामान्य श्रेणी में 5,000 रुपये और तत्काल श्रेणी में 7,500 रुपये निर्धारित किए गए हैं। वहीं 60 पेज वाले रिप्लेसमेंट पासपोर्ट के लिए सामान्य शुल्क 6,000 रुपये और तत्काल शुल्क 8,500 रुपये होगा।
बच्चों के खोए या क्षतिग्रस्त पासपोर्ट के रिप्लेसमेंट के लिए सामान्य श्रेणी में 4,250 रुपये और तत्काल श्रेणी में 6,750 रुपये शुल्क तय किया गया है।
अन्य पासपोर्ट सेवाओं की फीस भी बढ़ी
सरकार ने पासपोर्ट से जुड़े अन्य प्रमाणपत्रों और सेवाओं की फीस में भी संशोधन किया है। अब पुलिस क्लीयरेंस सर्टिफिकेट (PCC), सरेंडर सर्टिफिकेट और ग्लोबल एंट्री प्रोग्राम वेरिफिकेशन जैसे दस्तावेजों के लिए 750 रुपये शुल्क देना होगा।
इसके अलावा सर्टिफिकेट ऑफ आइडेंटिटी जारी कराने के लिए 1,000 रुपये का शुल्क निर्धारित किया गया है।
वरिष्ठ नागरिकों और छोटे बच्चों को राहत
हालांकि सरकार ने कुछ श्रेणियों के लिए राहत बरकरार रखी है। 8 वर्ष तक के बच्चों और 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को नए पासपोर्ट आवेदन पर 10 प्रतिशत शुल्क छूट मिलती रहेगी। इससे इन वर्गों पर बढ़ी हुई फीस का असर कुछ हद तक कम होगा।
पहले से बजट बनाना होगा जरूरी
नई दरें लागू होने के बाद विदेश यात्रा की योजना बनाने वाले लोगों को पासपोर्ट संबंधी खर्चों को अपने बजट में शामिल करना होगा। विशेष रूप से छात्रों, नौकरीपेशा युवाओं और अंतरराष्ट्रीय यात्रा करने वाले लोगों पर इसका सीधा असर दिखाई देगा। हालांकि पासपोर्ट की वैधता अवधि में कोई बदलाव नहीं किया गया है और वयस्कों का पासपोर्ट पहले की तरह 10 वर्षों तक वैध रहेगा।


