भारत समेत कई देशों को होगा फायदा
तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी। अमेरिका ने ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों की बिक्री पर लगे प्रतिबंधों में 60 दिनों की अस्थायी राहत देकर पश्चिम एशिया की राजनीति और वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा बदलाव संकेतित किया है। स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई वार्ता के बाद अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल उत्पादों के उत्पादन, परिवहन और बिक्री के लिए विशेष अस्थायी लाइसेंस जारी किया है। यह छूट 21 अगस्त तक प्रभावी रहेगी।
इस फैसले से भारत सहित कई देशों के लिए ईरानी तेल खरीदने का रास्ता फिर खुल सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की उपलब्धता बढ़ने और कीमतों पर दबाव कम होने की संभावना है।
अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने बताया कि वार्ता के दौरान ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने का भरोसा दिया है। साथ ही तेहरान ने अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) के निरीक्षकों को दोबारा अपने परमाणु प्रतिष्ठानों में काम करने की अनुमति देने पर भी सहमति जताई है।
उधर, स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दिन भी बातचीत जारी रही। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि दोनों देशों के बीच वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है और इसका उद्देश्य अस्थायी युद्धविराम को स्थायी शांति समझौते में बदलना है।
पिछले 24 घंटे के 5 बड़े अपडेट
1. अमेरिका-ईरान वार्ता में सकारात्मक संकेत
स्विट्जरलैंड में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच करीब 80 मिनट तक बातचीत हुई। चर्चा का मुख्य उद्देश्य युद्धविराम को दीर्घकालिक शांति समझौते में बदलना है।
2. जेडी वेंस का बड़ा बयान
अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देश मिलकर क्षेत्र में शांति और आर्थिक स्थिरता स्थापित कर सकते हैं। उन्होंने दावा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पश्चिम एशिया में दीर्घकालिक बदलाव चाहते हैं।
3. ट्रम्प की ईरान को चेतावनी
ट्रम्प ने ईरान से लेबनान में सक्रिय हिजबुल्लाह को समर्थन रोकने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसा नहीं होने पर अमेरिका और कड़े कदम उठा सकता है।
4. लेबनान में बढ़ता मानवीय संकट
लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार संघर्ष शुरू होने के बाद अब तक 4,100 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 12 हजार से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
5. ईरान को मिल सकते हैं 6 अरब डॉलर
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने दावा किया कि शुरुआती समझौते के तहत कतर में फंसे ईरान के 6 अरब डॉलर जल्द जारी किए जा सकते हैं, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सफल रहती है, तो वैश्विक तेल बाजार, पश्चिम एशिया की सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर इसके दूरगामी प्रभाव देखने को मिल सकते हैं।


