आज सीएम योगी को सौंपी जा सकती है रिपोर्ट
अयोध्या। राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) अपनी शुरुआती रिपोर्ट जल्द ही उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंप सकती है। जांच के छह दिनों में टीम ने बड़ी मात्रा में दस्तावेज, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल सबूत जुटाए हैं। सूत्रों के मुताबिक जांच के दौरान करीब 150 संदिग्धों के नाम सामने आए हैं, जिनमें से कुछ लोगों पर कार्रवाई की सिफारिश की जा सकती है।
जांच एजेंसी ने अब तक एकत्र किए गए डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्यों को कई पेन ड्राइव में सुरक्षित किया है। पूछताछ के दायरे में आए लोगों को अगले आदेश तक अयोध्या नहीं छोड़ने की चेतावनी भी दी गई है। इनमें मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कुछ प्रमुख पदाधिकारी और अन्य संबंधित व्यक्ति शामिल बताए जा रहे हैं।
FIR दर्ज होने की संभावना, कई नाम जांच के दायरे में
सूत्रों के अनुसार SIT अपनी जांच के आधार पर जल्द एफआईआर दर्ज करने की सिफारिश कर सकती है। जांच में सामने आए कुछ नामों को लेकर विस्तृत पड़ताल की जा रही है। हालांकि, आधिकारिक स्तर पर अभी किसी के खिलाफ आरोप तय नहीं किए गए हैं और जांच जारी है।
टीम का फोकस दान राशि की गिनती, रिकॉर्ड प्रबंधन, सीसीटीवी फुटेज और बैंकिंग प्रक्रियाओं की जांच पर है। कुछ कर्मचारियों और संबंधित व्यक्तियों से कई दौर की पूछताछ की जा चुकी है।
दान राशि और ट्रस्टों की भूमिका की भी जांच
जांच के दौरान कुछ अन्य संस्थाओं और ट्रस्टों के माध्यम से प्राप्त दान की जानकारी भी एजेंसी के सामने आई है। SIT यह पता लगाने में जुटी है कि दान की राशि का लेखा-जोखा निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुरूप रखा गया था या नहीं। जांच एजेंसी विभिन्न वित्तीय रिकॉर्ड और बैंक लेन-देन का मिलान कर रही है।
महाकुंभ अवधि के दान पर भी फोकस
सूत्रों के मुताबिक जांच टीम महाकुंभ के दौरान प्राप्त दान राशि के रिकॉर्ड की भी समीक्षा कर रही है। श्रद्धालुओं से प्राप्त दान और आधिकारिक आंकड़ों के बीच किसी प्रकार के अंतर की संभावना को लेकर जांच की जा रही है। हालांकि, इस संबंध में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
राजनीतिक बयानबाजी के बाद तेज हुई जांच
मामले को लेकर विपक्षी नेताओं ने पहले ही सवाल उठाए थे और निष्पक्ष जांच की मांग की थी। इसके बाद यह मुद्दा राजनीतिक बहस का विषय बन गया। दूसरी ओर मंदिर ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों ने आरोपों को लेकर अपना पक्ष रखते हुए कहा है कि जांच में सच्चाई सामने आ जाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने दिए निष्पक्ष जांच के संकेत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में अयोध्या दौरे के दौरान कहा था कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने लोगों से अपुष्ट दावों और अनर्गल टिप्पणियों से बचने की अपील भी की थी।
छह दिनों में कई दौर की पूछताछ
SIT ने जांच के दौरान मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों, बैंक अधिकारियों, कैश मैनेजमेंट से जुड़े कर्मचारियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की है। साथ ही बैंक खातों, वित्तीय रिकॉर्ड, दान की गिनती की प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था की भी विस्तृत जांच की गई है।
अब सभी की नजर SIT की प्रारंभिक रिपोर्ट पर है, जिससे मामले की आगे की दिशा तय हो सकती है। रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद सरकार और जांच एजेंसियां आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेंगी।


