संविधान संशोधन और ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ पर रह सकती है बड़ी बहस
नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होने जा रहा है। सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच कई अहम मुद्दों पर तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिल सकता है। विपक्ष जहां विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों पर केंद्र सरकार को घेरने की रणनीति बना रहा है, वहीं सरकार भी कई महत्वपूर्ण विधेयकों और संवैधानिक प्रस्तावों को आगे बढ़ाने की तैयारी में जुटी है।
इन मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी
विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वह NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, ऑपरेशन सिंदूर, मणिपुर की स्थिति, महंगाई, बेरोजगारी, अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और E-20 (एथेनॉल) नीति जैसे मुद्दों को संसद में प्रमुखता से उठाएगा।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा है कि यदि सरकार ‘एक देश, एक चुनाव’, परिसीमन (Delimitation) या संविधान संशोधन से जुड़े प्रस्ताव सदन में लाती है तो विपक्ष उनका विरोध करेगा।
सरकार के एजेंडे में अहम विधेयक
सरकार की प्राथमिकताओं में संविधान संशोधन से जुड़े प्रस्ताव, महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण को लागू करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना और ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के प्रस्ताव पर प्रगति शामिल मानी जा रही है। इसके साथ ही कुछ अन्य विधेयकों को भी संसद से पारित कराने की रणनीति बनाई जा रही है।
राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि सरकार सहयोगी दलों के समर्थन को मजबूत करने और सदन में आवश्यक बहुमत सुनिश्चित करने के प्रयास कर रही है। हालांकि, इन दावों और संभावित संख्या बल पर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर
संसद सत्र के दौरान दिल्ली में प्रस्तावित विरोध-प्रदर्शनों को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां और दिल्ली पुलिस सतर्क हैं। विभिन्न संगठनों द्वारा प्रदर्शन और संसद मार्च की घोषणाओं के बाद राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है।
सूत्रों के अनुसार, संसद परिसर और आसपास के इलाकों में अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जा सकते हैं ताकि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जा सके।


