परभणी। महाराष्ट्र के परभणी जिले में स्थित यशवाड़ी देवस्थान के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर में शनिवार को दर्दनाक हादसा हो गया। मंदिर परिसर में बन रहे सभा मंडप की निर्माणाधीन छत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे मलबे में दबकर 7 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हो गए। सभी घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करने और दर्शन के लिए लाइन में खड़े थे। तभी बांस और लोहे की रॉड से तैयार किया गया सेंट्रिंग स्ट्रक्चर अचानक टूट गया और पूरी छत लोगों के ऊपर आ गिरी। शनिवार होने के कारण मंदिर में सामान्य दिनों की तुलना में अधिक भीड़ मौजूद थी।
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मंडप में मौजूद लोगों ने स्थानीय ग्रामीणों के साथ मिलकर मलबा हटाने का प्रयास किया। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।
जिला कलेक्टर संजय चव्हाण, उपमंडल अधिकारी संगीता चव्हाण और तहसीलदार पांडुरंग माछेवाड़ ने बताया कि कुल 32 लोग हादसे की चपेट में आए, जिनमें से 7 लोगों की मौत हो गई और 25 घायल हुए हैं। बचाव कार्य में अग्निशमन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम और स्थानीय ग्रामीणों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। वहीं महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
मृतकों में संतोष गडाडे, आकाश सुरदुसे, मुनेश अग्रवाल, सूरज पोपटकर और श्रीकृष्ण गवारे की पहचान हो चुकी है। अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
गौरतलब है कि यशवाड़ी का त्रिमूर्ति हनुमान मंदिर लगभग 400 वर्ष पुराना माना जाता है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, वर्षों पहले पूरा गांव उजड़ गया था, लेकिन यह मंदिर अपनी जगह सुरक्षित बना रहा। हाल के वर्षों में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मंदिर परिसर के विस्तार और सभा मंडप निर्माण का कार्य चल रहा था। इसी दौरान यह बड़ा हादसा हो गया।


