बर्रीघाट, धतुरिया और आसपास के गांवों में लगातार रेत उत्खनन का आरोप, ग्रामीण बोले- कार्रवाई के बजाय मिलीभगत से फल-फूल रहा अवैध कारोबार
अशरफ अली
विदिशा। विदिशा जिले के गुलाबगंज क्षेत्र में बेतवा नदी से अवैध रेत खनन का मामला एक बार फिर सुर्खियों में है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि बर्रीघाट, बर्री, धतुरिया, परसौरा और अन्य नदी तटीय गांवों में लंबे समय से धड़ल्ले से रेत का अवैध उत्खनन किया जा रहा है, लेकिन खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन प्रभावी कार्रवाई करने में विफल साबित हो रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, बरसात कम होने से बेतवा नदी का जलस्तर घट गया है, जिसका फायदा उठाकर रेत माफिया नदी के बीचों-बीच मशीनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से रेत निकाल रहे हैं। लोगों का आरोप है कि प्रभावशाली लोगों के संरक्षण के चलते कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है। शिकायतों के बावजूद अवैध खनन का कारोबार लगातार फल-फूल रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष भी लाखों रुपये मूल्य की रेत का अवैध उत्खनन किए जाने की शिकायत खनिज विभाग से की गई थी। विभाग ने कुछ सीमित कार्रवाई कर मामले को शांत कर दिया, लेकिन अवैध कारोबार नहीं रुका। लोगों का आरोप है कि विभाग को पूरे मामले की जानकारी होने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है।
अवैध रेत खनन का असर अब बेतवा नदी के पर्यावरण पर भी दिखाई देने लगा है। नदी का प्राकृतिक स्वरूप लगातार बदल रहा है और भूजल स्तर प्रभावित होने की आशंका भी बढ़ रही है। बेतवा नदी विदिशा, गंजबासौदा, कुरवाई, बीना, बबीना, तालबेहट, झांसी और ओरछा सहित कई क्षेत्रों की जीवनरेखा मानी जाती है। इसके बावजूद इसकी सुरक्षा को लेकर प्रशासन की गंभीरता सवालों के घेरे में है।
विधानसभा में शिवराज का ऐलान, फिर भी नहीं थमा अवैध खनन
बेतवा नदी में लगातार हो रहे अवैध रेत उत्खनन से जलीय जीव-जंतुओं का प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहा है, नदी की पारिस्थितिकी प्रभावित हो रही है और जलधारा का प्राकृतिक प्रवाह भी बाधित हो रहा है। पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि अनियंत्रित रेत खनन से भूजल स्तर गिरने और नदी की संरचना कमजोर होने का खतरा बढ़ जाता है।
गौरतलब है कि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, जो वर्तमान में विदिशा के सांसद हैं, ने विधानसभा में घोषणा की थी कि प्रदेश की जीवनदायिनी नदियों से अवैध रेत उत्खनन करने वालों के खिलाफ गंभीर अपराध के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके बावजूद गुलाबगंज क्षेत्र में बेतवा नदी से अवैध खनन के आरोप लगातार सामने आ रहे हैं, जिससे प्रशासनिक कार्रवाई की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


