RAF, CRPF, BSF, CISF, GRP, NCC सहित सुरक्षा बलों के अधिकारियों और जवानों ने लिया राजयोग मेडिटेशन का अनुभव
भोपाल। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के सुख शांति भवन, नीलबड़ में सिक्योरिटी सर्विसेज विंग (SSW), राजयोग एजुकेशन एंड रिसर्च फाउंडेशन, माउंट आबू एवं ब्रह्माकुमारीज़ के संयुक्त तत्वावधान में ‘Self Empowerment to Nation Empowerment through Inner Awakening’ विषय पर सुरक्षा बलों के लिए विशेष प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में RAF, CRPF, BSF, CISF, GRP और NCC के अधिकारी, जवान एवं प्रशिक्षु बड़ी संख्या में शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान भोपाल ज़ोन प्रभारी बीके निर्मला दीदी ने कहा कि ‘आत्मशक्ति ही राष्ट्रशक्ति का आधार है। राजयोग मेडिटेशन व्यक्ति की निर्णय क्षमता, मानसिक दृढ़ता और सकारात्मक सोच को मजबूत बनाता है। जब व्यक्ति स्वयं को परमात्म शक्ति से जोड़ता है, तब वह विपरीत परिस्थितियों में भी शांत, साहसी और प्रभावी निर्णय लेने में सक्षम होता है।’
इस अवसर पर भोपाल से राष्ट्रीय जागरूकता अभियान की शुरुआत की गई। आगामी तीन दिनों तक RAF, CRPF, BSF, CISF, GRP, NCC, पुलिस एवं सेना की विभिन्न इकाइयों, बटालियनों, शैक्षणिक संस्थानों और महाविद्यालयों में आत्म-सशक्तिकरण, तनाव प्रबंधन, राजयोग मेडिटेशन, नशामुक्ति और मूल्य आधारित जीवन पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान का उद्देश्य सुरक्षा बलों और युवाओं में आंतरिक शक्ति, नैतिक मूल्यों तथा सकारात्मक जीवनशैली का विकास करना है।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, ईश्वरीय स्मृति और स्वागत गीत के साथ हुआ। भोपाल सब-ज़ोन प्रभारी बीके नीता दीदी ने स्वागत भाषण में कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा में लगे प्रत्येक जवान का मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त होना समय की आवश्यकता है।
माउंट आबू से आए वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षक बीके दीपक भाई ने सिक्योरिटी सर्विसेज विंग की रजत जयंती वर्ष की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि पिछले 25 वर्षों से यह विंग सेना, पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों को तनावमुक्ति, व्यक्तित्व विकास, मूल्य शिक्षा और राजयोग मेडिटेशन का प्रशिक्षण प्रदान कर रही है।
नई दिल्ली से आए वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षक बीके संजीव भाई ने कहा कि आज सबसे बड़ी जीत स्वयं पर विजय प्राप्त करना है। जो व्यक्ति अपने विचारों और संस्कारों को श्रेष्ठ बनाता है, वही कठिन परिस्थितियों में भी राष्ट्र की प्रभावी सेवा कर सकता है।
विशाखापट्टनम से आईं वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षिका बीके माधुरी दीदी ने उपस्थित अधिकारियों और जवानों को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास कराया, जिससे प्रतिभागियों ने गहन शांति, आत्मबल और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव किया। इसके बाद विश्व शांति और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए कैंडल लाइटिंग का आयोजन भी किया गया।
मुख्य अतिथि अपर मुख्य सचिव संजय कुमार शुक्ला (आईएएस) ने कहा कि प्रशासनिक और सुरक्षा सेवाओं में कार्यरत अधिकारियों के लिए मानसिक संतुलन, नैतिक मूल्य और आध्यात्मिक दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक हैं। वहीं पूर्व उप सेनाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल मिलन नायडू (सेवानिवृत्त) ने सैनिकों के लिए मानसिक दृढ़ता को शारीरिक क्षमता जितना ही महत्वपूर्ण बताया।
एडीजीपी रेलवे राजा बाबू सिंह (आईपीएस) ने कहा कि राजयोग मेडिटेशन तनावपूर्ण परिस्थितियों में भी सही और संतुलित निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षक बीके राम भाई ने आभार व्यक्त किया। सुख शांति भवन प्रभारी बीके आराधना दीदी ने उपस्थित सभी लोगों को नशामुक्त भारत का संकल्प दिलाया। सामूहिक राजयोग मेडिटेशन और विश्व शांति के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


