शादी से इनकार पर AI से बनाई फर्जी तस्वीरें, साइबर सेल को सौंपा मामला
जनसुनवाई में एक युवती ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी शादी की बातचीत एक वैवाहिक वेबसाइट के जरिए एक युवक से चल रही थी। रिश्ता आगे न बढ़ने पर युवक ने बदले की भावना से AI तकनीक का इस्तेमाल कर युवती की फर्जी शादी, गोदभराई और अन्य भ्रामक तस्वीरें तैयार कर सोशल मीडिया पर वायरल कर दीं।
महिला आयोग ने इसे गंभीर साइबर अपराध मानते हुए मामले की जांच के लिए साइबर वेलनेस सेंटर को भेज दिया है। आयोग ने दोषी के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
शादी का झांसा देकर शोषण, पैसे लेकर मुकरा परिवार
एक अन्य मामले में पीड़िता ने आरोप लगाया कि एक युवक ने विवाह का झूठा वादा कर उसका शारीरिक और मानसिक शोषण किया। पीड़िता का कहना है कि आरोपी की मां ने भी शादी कराने का भरोसा देकर उससे बड़ी रकम ली, लेकिन बाद में विवाह से साफ इनकार कर दिया।
मामले को गंभीर मानते हुए महिला आयोग ने संबंधित थाना प्रभारी को तत्काल एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
खुद को पत्रकार बताने वाले व्यक्ति पर नर्स ने लगाए ब्लैकमेलिंग के आरोप
जनसुनवाई में एक महिला नर्स ने खुद को पत्रकार बताने वाले व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। नर्स का आरोप है कि आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी वीडियो और भ्रामक खबरें फैलाकर उसकी छवि खराब करने का प्रयास कर रहा था।
आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों पक्षों को संयुक्त बेंच के सामने उपस्थित कराया और आगे की कानूनी प्रक्रिया तय करने के निर्देश दिए।
मानसिक स्वास्थ्य सहायता के लिए विशेष काउंसिलिंग शिविर
सुनवाई के दौरान आयोग परिसर में ‘स्काई सोशल एनजीओ’ द्वारा विशेष मानसिक स्वास्थ्य एवं काउंसिलिंग शिविर लगाया गया। विशेषज्ञ मनोवैज्ञानिकों ने घरेलू हिंसा, उत्पीड़न, पारिवारिक विवाद और भावनात्मक तनाव से जूझ रही महिलाओं को परामर्श और मनोसामाजिक सहायता प्रदान की।
महिला आयोग ने स्पष्ट किया कि महिलाओं के खिलाफ साइबर अपराध, ब्लैकमेलिंग और तकनीक के दुरुपयोग के मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


