भोपाल समेत कई जिलों में जलभराव से हालात खराब, अगले चार दिन प्रदेश में भारी बारिश की संभावना
भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 72 घंटे से लगातार हो रही झमाझम बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में जलभराव की स्थिति बन गई है, वहीं नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ने से बाढ़ का खतरा भी बढ़ गया है।
लगातार बारिश के चलते नर्मदा नदी का जलस्तर महज 48 घंटे में करीब 10 फीट तक बढ़ गया है। कई छोटे पुल पानी में डूब गए हैं और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों के घरों तक पानी पहुंच गया है। प्रदेश में अब तक 527 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। बारिश की गंभीर स्थिति को देखते हुए भोपाल और गुना में बुधवार को स्कूल बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
भोपाल में हजारों घरों में घुसा पानी
राजधानी भोपाल में लगातार बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। कई इलाकों में सड़कों पर पानी भर गया, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हजारों मकानों में पानी घुसने की सूचना है। कुछ स्थानों पर ट्रांसफार्मर और बिजली वितरण पेटियां पानी से घिर गईं, जिसके बाद सुरक्षा के लिहाज से बिजली आपूर्ति बंद करनी पड़ी।
मंगलवार रात नेशनल हाईवे-46 पर करीब एक फीट पानी भरने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। न्यू पुलिस लाइन स्टेशन रोड पर पानी से भरे गड्ढे में स्कूली बच्चों से भरी वैन फंस गई।
नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर नर्मदा नदी का जलस्तर 946.40 फीट दर्ज किया गया है। पिछले दो दिनों में नदी का पानी करीब 10 फीट बढ़ चुका है।
इंदौर संभाग में भारी बारिश का खतरा
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण बुधवार को भी बारिश का दौर जारी रहेगा। इंदौर संभाग के रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी और इंदौर जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
इन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 इंच या उससे ज्यादा बारिश होने की संभावना है। तेज बारिश से नदी-नालों में उफान और निचले इलाकों में जलभराव का खतरा बढ़ गया है।
राजगढ़ में 9 इंच तक बारिश रिकॉर्ड
पिछले 24 घंटे में राजगढ़ जिले के ब्यावरा में करीब 9 इंच बारिश दर्ज की गई। खिलचीपुर में 8 इंच और जीरापुर में 7.7 इंच पानी गिरा।
इसके अलावा राजगढ़ शहर में 4.4 इंच, नरसिंहपुर और पचोर में 3.7 इंच तथा सारंगपुर में 3.6 इंच बारिश रिकॉर्ड हुई। आगर-मालवा के सोयतकलां में 7.7 इंच, आगर में 3.6 इंच और शाजापुर के गुलाना में 3.8 इंच बारिश हुई।
अगले चार दिन प्रदेश के लिए अहम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश में निम्न दबाव क्षेत्र, मानसून द्रोणिका और दक्षिणी हिस्से से गुजर रही एक अन्य द्रोणिका सक्रिय है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी में नया चक्रवातीय सिस्टम बन रहा है।
इसके प्रभाव से करीब 12 अगस्त के आसपास एक और निम्न दबाव क्षेत्र बनने की संभावना है। ऐसे में अगले चार दिन मध्यप्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
45 जिलों में अभी भी बारिश की कमी
लगातार बारिश के बावजूद प्रदेश के 45 जिलों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश करीब 18 प्रतिशत तक कम है।
कई जिलों में सामान्य से 4 से 52 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है। वहीं भोपाल, गुना, सीहोर, राजगढ़, ग्वालियर, अनूपपुर, भिंड, बुरहानपुर, देवास और खरगोन में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है।
जुलाई का कोटा पूरा, मानसून अब भी 13 प्रतिशत पीछे
जून महीने में मध्यप्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में तेज बारिश के बावजूद मानसून में आए ब्रेक के कारण इसकी पूरी भरपाई नहीं हो सकी।
प्रदेश में जुलाई का बारिश कोटा पूरा हो गया है, लेकिन पूरे मानसून सीजन में अभी भी करीब 13 प्रतिशत बारिश की कमी बनी हुई है। मध्यप्रदेश में मानसून सीजन की सामान्य बारिश 37.3 इंच मानी जाती है।


