भोपाल। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में मध्य प्रदेश में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन देर रात तक जारी रहा। राजधानी भोपाल स्थित विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरने पर बैठे रहे। इस दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी विधानसभा पहुंचे और धरने में शामिल होकर विधायकों का समर्थन किया।
धरने में शामिल होने से पहले जीतू पटवारी राजभवन (लोकभवन) के सामने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें और अन्य नेताओं को वहां से हटाकर वाहन में बैठाया। इसके बाद पटवारी सीधे विधानसभा पहुंचे और धरना दे रहे विधायकों के साथ बैठ गए।
जीतू पटवारी बोले- मंत्री माफी मांगें
धरने के दौरान जीतू पटवारी ने कहा कि उन्हें कांग्रेस विधायकों और नेता प्रतिपक्ष के फैसले पर गर्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों को देशद्रोही और राजद्रोही बताने वाले मंत्री को सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जब तक मंत्री माफी नहीं मांगते, कांग्रेस विधायक अपना धरना समाप्त नहीं करेंगे। पटवारी ने यह भी कहा कि पेपर लीक करने वाले और उन्हें संरक्षण देने वाले ही असली देशद्रोही हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
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राहुल गांधी की गिरफ्तारी के बाद तेज हुआ विरोध
दिल्ली में छात्र आंदोलन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च किया था। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया। इसके विरोध में मध्य प्रदेश कांग्रेस ने भी प्रदेशभर में प्रदर्शन आयोजित किए।
विधानसभा में देर रात तक चला धरना
विधानसभा की कार्यवाही समाप्त होने के बाद कांग्रेस विधायक मुख्यमंत्री कक्ष के बाहर धरने पर बैठ गए। विरोध दर्ज कराने के लिए कुछ विधायक विधानसभा परिसर में फर्श पर भी लेट गए। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन विधायक धरने पर डटे रहे।
बाद में संसदीय कार्य मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी कांग्रेस विधायकों से बातचीत करने पहुंचे। इस दौरान उनकी नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार से तीखी बहस हुई और कांग्रेस विधायकों ने जोरदार नारेबाजी की।
प्रदेशभर में कांग्रेस का प्रदर्शन
भोपाल के अलावा इंदौर, जबलपुर, कटनी, खंडवा, हरदा, शाजापुर, टीकमगढ़, रतलाम, डबरा और खरगोन सहित कई जिलों में कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन, रैली और नारेबाजी की। कई स्थानों पर चक्काजाम और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की की घटनाएं भी सामने आईं। अधिकांश जिलों में देर रात तक प्रदर्शन समाप्त हो गए, लेकिन विधानसभा परिसर में कांग्रेस विधायकों का धरना जारी रहा।


