भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को राज्य मंत्रालय में हुई मध्यप्रदेश कैबिनेट बैठक में सड़क, कृषि, पुलिस, औद्योगिक सुरक्षा, पर्यटन और जनहित से जुड़े कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक में भोपाल-विदिशा मार्ग को फोरलेन करने, इछावर में सोयाबीन रिसर्च सेंटर स्थापित करने और देवास पटाखा फैक्ट्री हादसे की न्यायिक जांच कराने का फैसला लिया गया।
भोपाल-विदिशा फोरलेन को मंजूरी
कैबिनेट ने भोपाल-विदिशा मार्ग को टू-लेन से फोरलेन में अपग्रेड करने की मंजूरी दी है। करीब 44.83 किलोमीटर लंबे मार्ग के उन्नयन पर लगभग 1,757 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सड़क के साथ पेव्ड शोल्डर भी बनाए जाएंगे। परियोजना से भोपाल, रायसेन और विदिशा के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ व्यापारिक और लॉजिस्टिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
इछावर में सोयाबीन रिसर्च सेंटर
सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र के भावखेड़ी में नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट की रिसर्च यूनिट स्थापित की जाएगी। इसके लिए करीब 20 हेक्टेयर सरकारी जमीन ICAR को नि:शुल्क और स्थायी पट्टे पर देने का फैसला किया गया है। सेंटर में सोयाबीन की बीमारियों, उत्पादन और खेती से जुड़ी समस्याओं पर शोध किया जाएगा।
देवास पटाखा फैक्ट्री हादसे की न्यायिक जांच
कैबिनेट ने देवास पटाखा फैक्ट्री हादसे की जांच के लिए एक सदस्यीय न्यायिक जांच आयोग गठित करने का निर्णय लिया है। आयोग की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे। हादसे के कारणों और जिम्मेदारी की जांच के बाद आयोग अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपेगा।
पुलिस में 27,534 पदोन्नतियों का फैसला
गृह विभाग के अंतर्गत 58 संवर्गों में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की 27,534 पदोन्नतियों को मंजूरी दी गई है। पदोन्नति से रिक्त होने वाले पदों पर नई भर्ती का रास्ता भी खुलने की उम्मीद है।
खंडवा से औद्योगिक सुरक्षा बल की शुरुआत
औद्योगिक क्षेत्रों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा मजबूत करने के लिए तीन नए औद्योगिक सुरक्षा बल गठित करने की दिशा में फैसला लिया गया है। इसकी शुरुआत खंडवा में प्रदेश की पहली औद्योगिक सुरक्षा इकाई से होगी।
वीरता पुरस्कार की राशि दोगुनी
महिलाओं के साहस और संघर्ष को सम्मान देने के लिए रानी दुर्गावती वीरता पुरस्कार के तहत 2 लाख रुपये देने का फैसला किया गया है। वहीं रानी अवंतीबाई वीरता पुरस्कार की राशि 1 लाख से बढ़ाकर 2 लाख रुपये कर दी गई है।
भोपाल बायपास पर टोल वसूली की अनुमति
लोक निर्माण विभाग को भोपाल बायपास परियोजना पर 19 जुलाई 2026 से 31 दिसंबर 2031 तक टोल संग्रह के लिए अधिकृत किया गया है। टोल से मिलने वाली राशि का उपयोग सड़क के उन्नयन और रखरखाव में किया जाएगा।
होम स्टे से ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा
ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यटन और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए होम स्टे परियोजना के तहत करीब 1,000 हितग्राहियों को कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य स्थानीय लोगों को पर्यटन गतिविधियों से जोड़कर रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
दुग्ध उत्पादन बढ़ाने का लक्ष्य
कैबिनेट में प्रदेश में दुग्ध उत्पादन बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। सरकार ने दुग्ध उत्पादन में मध्यप्रदेश की हिस्सेदारी को 12 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा है। किसानों और पशुपालकों को इससे जोड़ने के लिए योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।


