बानमोर के जंगलों में तीन घंटे चला पुलिस का ऑपरेशन
भोपाल। मुरैना जिले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 80 हजार रुपये के इनामी कुख्यात बदमाश कल्ली उर्फ किलेदार गुर्जर को मुठभेड़ के बाद उसके साथी अजय गुर्जर के साथ गिरफ्तार कर लिया। बानमोर थाना क्षेत्र के ललितापुरा पहाड़ी गांव के नजदीक जंगलों में पुलिस और बदमाशों के बीच करीब तीन घंटे तक मुठभेड़ चली। इस दौरान पुलिस की आत्मरक्षार्थ की गई जवाबी फायरिंग में कल्ली गुर्जर के पैर में गोली लगी, जबकि उसका साथी भी घायल हो गया। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पुलिस मुख्यालय के अनुसार, पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा के मार्गदर्शन में प्रदेशभर में फरार और इनामी बदमाशों की धरपकड़ के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत चंबल रेंज में भी आदतन अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष रणनीति बनाई गई थी।
पुलिस महानिरीक्षक चंबल जोन सचिन कुमार अतुलकर और पुलिस उप महानिरीक्षक चंबल रेंज सुनील कुमार जैन के निर्देश पर मुरैना पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना ने कल्ली गुर्जर की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीमें गठित की थीं।
घेराबंदी होते ही बदमाशों ने की फायरिंग
पुलिस टीम को 5 नवंबर को सूचना मिली कि कल्ली गुर्जर अपने साथी के साथ बानमोर क्षेत्र के ललितापुरा पहाड़ी गांव के समीप जंगल में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर पुलिस ने इलाके की घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, खुद को घिरा देखकर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में गोली चलाई। करीब तीन घंटे तक चले ऑपरेशन के बाद दोनों बदमाश घायल अवस्था में पकड़ लिए गए।
तीन अवैध हथियार और 61 कारतूस बरामद
पुलिस ने कल्ली गुर्जर के कब्जे से एक देशी 32 बोर पिस्टल, एक 306 बोर रायफल और 49 जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। वहीं, उसके साथी अजय गुर्जर के पास से 12 बोर की एक रायफल और 12 जिंदा कारतूस मिले हैं। दोनों आरोपियों से कुल तीन अवैध हथियार और 61 जिंदा कारतूस जब्त किए गए हैं।
20 आपराधिक मामले, नौ में चल रहा था फरार
पुलिस के मुताबिक, कल्ली उर्फ किलेदार गुर्जर आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, फायरिंग, अड़ीबाजी, मारपीट, शासकीय कार्य में बाधा और अवैध शराब तस्करी जैसे गंभीर अपराधों के कुल 20 मामले दर्ज हैं। इनमें से नौ मामलों में वह फरार चल रहा था। अलग-अलग आपराधिक प्रकरणों में उसकी गिरफ्तारी पर कुल 80 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस अब दोनों आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क, हथियारों के स्रोत और अन्य आपराधिक गतिविधियों के संबंध में पूछताछ एवं विस्तृत विवेचना कर रही है।


