भोपाल। राजधानी भोपाल में अवैध कॉलोनियों और अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का अभियान लगातार तेज होता जा रहा है। कलेक्टर प्रियंक मिश्रा के निर्देश पर शनिवार को राजस्व विभाग ने फुल टैंक लेवल (एफटीएल) से 33 मीटर के दायरे में विकसित की जा रही दो अवैध कॉलोनियों पर बड़ी कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चलाया। इस अभियान के दौरान करीब 27 करोड़ रुपये मूल्य की सरकारी और निजी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया।
कार्रवाई अनुविभागीय अधिकारी (एसडीएम) विनोद सोनकिया के नेतृत्व में की गई। अभियान में तहसीलदार अतुल शर्मा, नायब तहसीलदार शुभम जैन, राकेश पिप्पल सहित राजस्व निरीक्षकों, पटवारियों और प्रशासनिक अमले की टीम मौजूद रही।
मेंडोरी में 12 करोड़ रुपये की भूमि पर कार्रवाई
प्रशासन ने ग्राम मेंडोरी के खसरा नंबर 322 और 323 स्थित लगभग 1.590 हेक्टेयर भूमि पर विकसित की जा रही अवैध कॉलोनी को ध्वस्त किया। राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार यह भूमि मुन्तियाज अली के नाम दर्ज है। अधिकारियों के मुताबिक इस जमीन पर राजीव द्विवेदी द्वारा बिना वैधानिक अनुमति के कॉलोनी विकसित की जा रही थी। इस भूमि का अनुमानित बाजार मूल्य करीब 12 करोड़ रुपये बताया गया है।
बेरखेड़ी बज्याफत में 15 करोड़ की जमीन कराई मुक्त
इसी तरह ग्राम बेरखेड़ी बज्याफत के खसरा नंबर 296 स्थित 1.570 हेक्टेयर भूमि पर भी अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। राजस्व अभिलेखों में यह जमीन शाहवाज खान के नाम दर्ज है। प्रशासन ने यहां भी बुलडोजर चलाकर अनधिकृत निर्माण हटाए और करीब 15 करोड़ रुपये मूल्य की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया।
एफटीएल क्षेत्र में नहीं होगी अवैध बसाहट
प्रशासन ने बताया कि दोनों कॉलोनियां एफटीएल (फुल टैंक लेवल) से 33 मीटर के प्रतिबंधित दायरे में विकसित की जा रही थीं, जहां बिना अनुमति निर्माण करना नियमों के विरुद्ध है। ऐसे मामलों में लगातार निगरानी रखी जा रही है और अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभियान जारी रहेगा
भोपाल जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शहर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध कॉलोनियों, अतिक्रमण और नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे निर्माण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी कॉलोनी या भूखंड की खरीद से पहले उसकी वैधता और सभी सरकारी अनुमतियों की जांच अवश्य कर लें।


