पेंट के 412 डिब्बों के बीच 28 बोरियों में छिपाया था गांजा
जबलपुर। जबलपुर पुलिस ने गांजे की बड़ी खेप पकड़ी है। पुलिस ने एक कंटेनर से 871 किलो 95 ग्राम गांजा बरामद कर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 4 करोड़ 35 लाख 55 हजार रुपये बताई गई है। तस्करी में इस्तेमाल कंटेनर और पेंट के 412 डिब्बे भी जब्त किए गए हैं।
यह कार्रवाई जबलपुर पुलिस और उत्तर प्रदेश के झांसी स्थित नारकोटिक्स विंग ने संयुक्त रूप से की। पुलिस अधीक्षक सम्पत उपाध्याय के निर्देशन में क्राइम ब्रांच और गोसलपुर थाना पुलिस की टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
एनएच-30 पर घेराबंदी कर रोका कंटेनर
पुलिस को 30 अक्टूबर को गांजे की तस्करी की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने गोसलपुर थाना क्षेत्र में एनएच-30 पर मुस्करा मोड़ के पास जबलपुर की ओर से आ रहे संदिग्ध कंटेनर क्रमांक NL-01-AC-7191 का पीछा किया। मोहतरा टोल के पास घेराबंदी कर कंटेनर को रोक लिया गया। उसमें सवार चालक और एक अन्य व्यक्ति ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में दोनों के उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के निवासी होने की जानकारी सामने आई।
पेंट के डिब्बों के बीच छिपाई थीं 28 बोरियां
कंटेनर की तलाशी में पेंट के 412 डिब्बों के साथ 28 बोरियां मिलीं। इन बोरियों में खाकी रंग के टेप से पैक किए गए पैकेटों में गांजा छिपाकर रखा गया था। एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत वजन करने पर कुल 871 किलो 95 ग्राम गांजा बरामद हुआ। इसकी अनुमानित कीमत 4 करोड़ 35 लाख 55 हजार रुपये आंकी गई है।
विशाखापट्टनम से निकले थे आरोपी, मैहर के पहले पहुंचाना था गांजा
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे विशाखापट्टनम से माल लेकर निकले थे। रास्ते में ओडिशा के बलांगीर निवासी एक व्यक्ति के कहने पर गांजे की 28 बोरियां कंटेनर में लोड की गई थीं। इस खेप को मध्यप्रदेश में मैहर पहुंचने से पहले एक निर्धारित स्थान पर उतारना था।
एक आरोपी ने यह भी बताया कि वह पहले भी ओडिशा के बलांगीर निवासी व्यक्ति के कहने पर कई बार मध्यप्रदेश में गांजे की खेप पहुंचा चुका है। इसके बदले उसे हर खेप के लिए एक लाख रुपये मिलते थे।
तस्करी नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। अब गांजे की आपूर्ति करने वाले लोगों, खेप मंगाने वालों और अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में सामने आने वाले सभी आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


