भोपाल। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी आज (31 अक्टूबर) मध्यप्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना नामांकन दाखिल करेंगे। भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति ने 28 अक्टूबर को उन्हें मध्यप्रदेश से पार्टी का प्रत्याशी घोषित किया था। नामांकन के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि मौजूद रहेंगे।
हरदीप सिंह पुरी शुक्रवार देर रात भोपाल पहुंच गए। शनिवार सुबह वे विधानसभा पहुंचकर नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। भाजपा ने उनके नाम पर मुहर लगाकर मध्यप्रदेश की खाली हुई राज्यसभा सीट पर अपना उम्मीदवार उतारा है।
मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई सीट
दरअसल, केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन ने 13 अक्टूबर को राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। उनका कार्यकाल अप्रैल 2030 तक था। उनके इस्तीफे के बाद रिक्त हुई सीट पर उपचुनाव कराया जा रहा है। भाजपा ने इस सीट के लिए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाया है।
कृष्णा गौर बनीं प्रस्तावक
हरदीप सिंह पुरी के नामांकन की प्रक्रिया में प्रदेश सरकार की मंत्री कृष्णा गौर भी प्रस्तावक की भूमिका निभाएंगी। उन्होंने शुक्रवार को भाजपा कार्यालय में नामांकन के लिए प्रस्तावक के रूप में सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए। पार्टी की ओर से नामांकन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।
एक सीट के लिए क्या है विधायकों का गणित?
मध्यप्रदेश विधानसभा की कुल सदस्य संख्या 230 है। राज्यसभा की एक सीट के चुनाव में जीत के लिए आवश्यक मतों का कोटा निर्धारित चुनावी नियमों के आधार पर तय होगा। कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा मतदान में हिस्सा नहीं ले सकेंगे। ऐसे में प्रभावी मतदाताओं की संख्या 229 रह जाएगी।
इस चुनाव में बीना से विधायक निर्मला सप्रे की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। वे स्वयं को कांग्रेस का सदस्य बताती हैं, लेकिन भाजपा के कार्यक्रमों में भी उनकी मौजूदगी देखी गई है। दलबदल से जुड़े मामले के चलते उनकी स्थिति को लेकर असमंजस बना हुआ है। ऐसे में उनके मतदान को लेकर स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही दोनों दलों की वास्तविक संख्या और चुनावी गणित का आकलन हो सकेगा।


