हरदा। हरदा में अस्पताल चौराहे पर बाथरूम के पास तीन दिन की नवजात बच्ची मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। बच्ची को इस हालत में देखकर लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस नवजात को अस्पताल लेकर पहुंची।
नवजात को इतनी कम उम्र में अकेला छोड़ने के पीछे क्या वजह रही ? उसे वहां कौन छोड़कर गया ? उसकी देखभाल की जिम्मेदारी कौन निभाएगा ? इन सवालों के जवाब फिलहाल सामने नहीं आए हैं।
बच्ची की सुरक्षा, उपचार और देखभाल सुनिश्चित करने के साथ ही उसे छोड़ने वाले व्यक्ति का पता लगाने के लिए मामले की जांच की जा रही है। नवजात के मिलने के आसपास क्षेत्र के सीसीटीवी खंगाले जाएं तो नवजात को लेकर आने वाले कि शिनाख्त सम्भव हो सकती है।
फिलहाल जिला अस्पताल में ड्यूटी डॉक्टर जाह्नवी सूरमा ने बताया कि हॉस्पिटल चौराहे से पुलिस अधिकारी जिस नवजात को लाएं हैं। वो सिर्फ 3-4 दिन की है। डॉ सूरमा ने बताया कि हमने बच्ची की जांच की है। वो स्वस्थ्य है। फेफड़े सांस, हार्ट की धड़कन जांची गयी । आगे इलाज और जांच के लिए नवजात को एहतियातन आईसीयू में रखा जायेगा।
इस घटनाक्रम की खबर शहर में फैलते ही नवजात के मां-बाप की क्रूरता, मजबूरी को लेकर जनचर्चा में अलग अलग बातें चल रही हैं । संभवतः नवरात्र के अष्टमी-नवमी के आसपास जन्मी कन्या को माताजी की विदाई के पश्चात अस्पताल चौराहे पर दशहरे के दूसरे दिन अकेला छोड़ जाने की घटना ने जनमानस को हिला कर रख दिया है।
देखना यह है कि पुलिस जांच में क्या हासिल होता है?


