ग्वालियर। Truck strikes devotees in Gwalior; 14 dead: नवरात्रि में मां शीतला के दर्शन की आस लेकर निकले श्रद्धालुओं के लिए रास्ते में ही मौत घात लगाए बैठी थी। रविवार देर रात ग्वालियर में बैरिकेड तोड़कर ढलान पर बेकाबू हुआ धान से भरा ट्रक श्रद्धालुओं को रौंदता हुआ मंदिर के प्रवेश द्वार तक जा पहुंचा। इस भीषण हादसे में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 29 लोग घायल हुए हैं। मृतकों में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं। घायलों में दो पुलिसकर्मी भी हैं। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और राहत-बचाव के लिए अफरा-तफरी के बीच अभियान चलाना पड़ा।
बैरिकेड तोड़कर ढलान पर उतरा ट्रक
हादसा शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे चीनौर रोड पर ढलान के पास हुआ। नवरात्रि के कारण शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे थे। इसी दौरान धान से भरा ट्रक प्रतिबंधित मार्ग पर पहुंच गया। ग्वालियर के एसएसपी धर्मवीर सिंह के मुताबिक, मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए बैरिकेड लगाए गए थे, लेकिन ट्रक उन्हें तोड़कर आगे निकल गया।
ढलान पर चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। बेकाबू ट्रक सड़क किनारे मौजूद श्रद्धालुओं और दुकानों को कुचलता हुआ मंदिर की बाहरी दीवार और प्रवेश द्वार से जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि मंदिर की बाहरी दीवार भी ढह गई। ट्रक की चपेट में आने और मलबे में दबने से कई लोग घायल हो गए।
चश्मदीद ने बताया आंखों देखा मंजर
एक चश्मदीद के मुताबिक, ट्रक अचानक आया और लोगों तथा दुकानों को कुचलता चला गया। उसने बताया कि ट्रक में जरूरत से ज्यादा सामान भरा हुआ था। हादसे में उसका भाई भी घायल हुआ है। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोग घायलों को निकालने और मलबे में फंसे लोगों की मदद करने में जुट गए। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने एंबुलेंस के जरिए घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में पहुंचाया।
बैरिकेड के बावजूद ट्रक कैसे पहुंचा, जांच शुरू
कलेक्टर रुचिका चौहान ने हादसे की जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बताया कि नवरात्रि के दौरान मार्ग पर स्टॉपर और पुलिस चेक-पॉइंट लगाए गए थे। इसके बावजूद ट्रक वहां तक कैसे पहुंचा और बैरिकेड तोड़कर आगे कैसे निकल गया, इसकी जांच की जा रही है।
ट्रक की तकनीकी स्थिति की पड़ताल के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की टीम को भी मौके पर भेजा गया है। जांच में यह पता लगाया जाएगा कि वाहन में कोई तकनीकी खराबी थी या नहीं और वह लगातार बाईं ओर क्यों मुड़ता चला गया। पुलिस भी हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
अस्पतालों में घायलों का उपचार जारी
कलेक्टर के मुताबिक, अस्पतालों में भर्ती घायलों के इलाज पर प्रशासन नजर रख रहा है। डॉक्टर घायलों की स्थिति के अनुसार सीटी स्कैन और एक्स-रे सहित आवश्यक जांच कर रहे हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे ने प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के इंतजामों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


