स्व-सहायता समूहों से किया संवाद, कुकरू को प्रमुख पर्यटन केंद्र बनाने की घोषणा
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को दो दिवसीय प्रवास पर बैतूल जिले के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल कुकरू पहुंचे। इस दौरान उनके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने स्व-सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनके स्वरोजगार, आजीविका गतिविधियों और सरकारी योजनाओं से मिल रहे लाभ की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुकरू को मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में विकसित किया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर सृजित होंगे।
दौरे के दौरान मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कृष्णा आजीविका स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित मावा और रबड़ी निर्माण इकाई का निरीक्षण किया। उन्होंने मावा बनाने की पूरी प्रक्रिया देखी, समूह द्वारा तैयार उत्पादों का स्वाद लिया और महिलाओं के प्रयासों की सराहना की। इस दौरान समूह की आय, सरकारी सहायता और स्वरोजगार से जुड़े अनुभवों पर भी चर्चा की गई।
समूह की अध्यक्ष शोभा गायने ने बताया कि विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत समूह को कैश क्रेडिट लिमिट (CCL), सामुदायिक निवेश निधि (CIF), रिवॉल्विंग फंड (RF) और प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के माध्यम से आर्थिक सहायता मिली है। समूह में 11 महिलाएं कार्यरत हैं और आजीविका मिशन के तहत मिली स्वचालित मावा मशीन की मदद से हर माह करीब 25 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हो रही है। पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, मावा, रबड़ी, श्रीखंड निर्माण और खेती के जरिए प्रत्येक सदस्य 15 से 18 हजार रुपये मासिक आय अर्जित कर रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्व-सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। प्रदेश सरकार महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ गांव-गांव तक पहुंच रहा है और स्व-सहायता समूह महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहे हैं।
प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री ने सिपना सनसेट पॉइंट पहुंचकर प्राकृतिक सौंदर्य का भी आनंद लिया। उन्होंने अधिकारियों को पर्यटन सुविधाओं के विस्तार, प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण और स्थानीय उत्पादों के प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि कुकरू का विकास केवल पर्यटन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे स्थानीय युवाओं, महिलाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।


