8 नामजद समेत 15 से अधिक आरोपियों पर मामला दर्ज।
खंडवा। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के गुड़ी वन परिक्षेत्र में अतिक्रमण रोकने गई वन विभाग की टीम पर रविवार को कथित अतिक्रमणकारियों ने हमला कर दिया। पिपलोद थाना क्षेत्र के आमा खुजरी बीट में गश्त के दौरान वनकर्मियों पर पत्थरों, गोफन, लाठियों और कुल्हाड़ी से हमला किया गया। इस घटना में 10 से अधिक वनकर्मी घायल हुए हैं, जिनमें पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है।
सुनियोजित तरीके से किया गया हमला
वन विभाग के अनुसार, करीब 45 वनकर्मियों का विशेष दल कक्ष क्रमांक 748 में गश्त कर रहा था। इसी दौरान पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने अचानक पथराव शुरू कर दिया। इसके बाद लाठियों से हमला किया गया। आरोप है कि कुछ महिलाओं ने वनकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की और उनकी वर्दी तक फाड़ दी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
कई वनकर्मी घायल, इलाज जारी
हमले में वनरक्षक ज्वाला सिंह, रोमांक नायक, शैलेंद्र यादव, राजेंद्र सिंह सक्तावत, राजेंद्र बागड़ी, प्रदीप बघेल, चंद्रपाल तोमर और राहुल लोधी समेत कई कर्मचारी घायल हुए। सभी घायलों का उपचार जारी है, जबकि गंभीर रूप से घायल वनकर्मियों को विशेष चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
पुलिस और एंबुलेंस की देरी पर सवाल
घायल वनकर्मियों ने आरोप लगाया कि सूचना देने के बावजूद पुलिस और एंबुलेंस समय पर नहीं पहुंची। उनका कहना है कि करीब दो घंटे तक घायल कर्मचारी जंगल में ही पड़े रहे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि डायल-112 की टीम ने पहले कुछ घायल अतिक्रमणकारियों को अस्पताल पहुंचाया।
पहले से बना हुआ था तनाव
हाल ही में गुड़ी वन क्षेत्र में वन विभाग और प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। इसके बाद से इलाके में तनाव की स्थिति बनी हुई थी। वर्ष 2025 में नियुक्त नए वनरक्षकों को भी इसी क्षेत्र में अतिक्रमण रोकने की जिम्मेदारी दी गई थी।
पेड़ों और गड्ढों में छिपे थे हमलावर
घायल वनकर्मी रोमांक नायक के अनुसार, करीब 150 लोग, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं, पेड़ों, गड्ढों और खंतियों में छिपे हुए थे। वन विभाग की टीम पहुंचते ही उन्होंने गोफन, पत्थरों और लाठियों से हमला कर दिया। एक आरोपी ने कुल्हाड़ी से वार करने का भी प्रयास किया।
8 नामजद समेत 15 से अधिक लोगों पर केस
डीएसपी अनिल चौहान ने बताया कि वन भूमि पर अवैध बोवनी रोकने के दौरान यह विवाद हुआ। पुलिस ने 8 नामजद और 15 से अधिक अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है।
जिला प्रशासन एक्शन मोड में
घटना के बाद जिला प्रशासन ने बड़े स्तर पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को वन विभाग, राजस्व विभाग और भारी पुलिस बल के साथ संयुक्त अभियान चलाने की योजना बनाई गई है। अभियान में 20 से अधिक जेसीबी मशीनें, ड्रोन कैमरे और अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य वन भूमि से अतिक्रमण हटाकर जंगलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।


