More
    Homeमनोरंजनराम चरण फ्लॉप हुए तो डिप्रेशन में चले गए:फैंस से माफी मांगते...

    राम चरण फ्लॉप हुए तो डिप्रेशन में चले गए:फैंस से माफी मांगते हुए कहा था- बेहतर फिल्में चुनूंगा; ‘RRR’ से ग्लोबल स्टार बने

    Published on

    spot_img

    मुंबई। मेगास्टार पिता चिरंजीवी की विरासत के बीच अपनी अलग पहचान बनाना राम चरण के लिए आसान नहीं था। करियर की शुरुआती ब्लॉकबस्टर सफलता ने उन्हें स्टार बनाया, लेकिन फ्लॉप फिल्मों ने उन्हें गहरे अवसाद और आत्म-संदेह में धकेल दिया। एक समय वह खुद को कमरे में बंद कर लेते थे और फैंस से माफी तक मांगनी पड़ी।

    बॉलीवुड डेब्यू की नाकामी और कोविड के दौरान मानसिक संघर्ष ने उनकी राह और कठिन बना दी। हालांकि, हर झटके से उबरते हुए राम चरण ने वापसी की और ‘RRR’ के साथ ग्लोबल स्टार बन गए। अब उनकी फिल्म ‘पेद्दी’ रिलीज होने वाली है।

    राम चरण का जन्म 27 मार्च 1985 को चेन्नई (तब मद्रास) में हुआ था। वह तेलुगु सिनेमा के मेगास्टार चिरंजीवी और सुरेखा के बेटे हैं। उनका परिवार आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी जिले से जुड़ा है। उनकी दो बहनें सुष्मिता और श्रीजा हैं। राम चरण का जन्म भले ही फिल्मी परिवार में हुआ, लेकिन बचपन में उन्हें कभी यह एहसास नहीं होने दिया गया कि उनके पिता देश के सबसे बड़े सुपरस्टार्स में से एक हैं। सैम फ्रैगोसो के टॉक ईजी पॉडकास्ट में राम चरण ने बताया था कि चिरंजीवी घर में कभी स्टारडम की चमक नहीं लाते थे। राम चरण ने कहा था कि उनके पिता नहीं चाहते थे कि बच्चे यह सोचें कि जिंदगी में उन्हें सब कुछ आसानी से मिल जाएगा। उन्होंने बताया कि एक मशहूर पेंटर ने चिरंजीवी की बड़ी पेंटिंग बनाई थी, लेकिन उन्होंने उसे घर में लगाने से मना कर दिया था, ताकि बच्चों पर स्टार इमेज का असर न पड़े। राम चरण के मुताबिक, घर में फिल्मों और स्टारडम की चर्चा कम होती थी। इसी वजह से वह और उनके भाई-बहन सामान्य माहौल में बड़े हुए।

    स्कूल में छिपानी पड़ती थी पहचान

    राम चरण ने कई बातचीत में बताया है कि स्कूल के दिनों में वह ज्यादा ध्यान आकर्षित नहीं करना चाहते थे। जब लोग उन्हें चिरंजीवी का बेटा कहकर पहचान लेते थे, तो उन्हें असहज महसूस होता था। वह बाकी बच्चों की तरह सामान्य जिंदगी जीना चाहते थे। उन्होंने कहा था कि उनके पिता ने हमेशा उन्हें जमीन से जुड़े संस्कार दिए और मेहनत की अहमियत समझाई। यही वजह थी कि स्टार किड होने के बावजूद वह खुद को साबित करने का दबाव महसूस करते थे।

    पढ़ाई, बिजनेस में दिलचस्पी और एक्टिंग की तरफ झुकाव

    राम चरण ने चेन्नई के पद्म शेषाद्रि बाला भवन स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने ऊटी के लॉरेंस स्कूल, हैदराबाद पब्लिक स्कूल और सेंट मैरी कॉलेज, हैदराबाद में पढ़ाई की। शुरुआत में उनका फिल्मों में आने का कोई तय सपना नहीं था। उन्हें बिजनेस, स्पोर्ट्स और ऑटोमोबाइल्स में ज्यादा दिलचस्पी थी। कारों और स्पोर्ट्स के प्रति उनका लगाव पुराना है। मनीकंट्रोल को दिए इंटरव्यू में राम चरण ने बताया था कि घर में कभी फिल्मों में आने का दबाव नहीं था। कॉलेज के दिनों में धीरे-धीरे उनका झुकाव अभिनय की तरफ बढ़ा। इसके बाद उन्होंने मुंबई के किशोर नमित कपूर एक्टिंग इंस्टीट्यूट में ट्रेनिंग लेने का फैसला किया।

    राम चरण ने बताया था कि एक्टिंग सीखने के दौरान उन्होंने अपने पिता की फिल्मों को एक स्टूडेंट की तरह देखना शुरू किया। वह चिरंजीवी की डांसिंग, स्क्रीन प्रेजेंस और संवाद अदायगी को बारीकी से समझते थे। इसी दौरान उन्हें एहसास हुआ कि अभिनय सिर्फ स्टारडम नहीं, बल्कि एक कला भी है। अप्रैल 2024 में उन्हें चेन्नई की वेल्स यूनिवर्सिटी से मानद डॉक्टरेट की उपाधि मिली।

    पहली फिल्म कैसे मिली?

    राम चरण को पहली फिल्म ‘चिरुथा’ (2007) पिता चिरंजीवी की वजह से मिली, लेकिन इसके लिए उन्हें कड़ी तैयारी और स्क्रीन टेस्ट से गुजरना पड़ा था। निर्देशक पुरी जगन्नाथ ने उन्हें लॉन्च किया। फिल्म को निर्माता सी अश्विनी दत्त ने प्रोड्यूस किया था। ABN तेलुगु के शो ‘ओपन हार्ट विद आरके’ में राम चरण ने बताया था कि पहली फिल्म के दौरान वह बेहद नर्वस रहते थे। कैमरे के सामने सहज महसूस नहीं करते थे और अभिनय, डांस तथा कैमरा फेसिंग पर लगातार मेहनत करनी पड़ती थी। फिल्म रिलीज से पहले ही राम चरण को लेकर जबरदस्त चर्चा शुरू हो चुकी थी, क्योंकि वह चिरंजीवी के बेटे थे। फिल्म के पोस्टर्स और गानों ने रिलीज से पहले माहौल बना दिया था। बाद में फिल्म बॉक्स ऑफिस पर हिट साबित हुई और राम चरण को बेस्ट मेल डेब्यू – साउथ का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।

    पिता से मिली सबसे बड़ी सीख

    राम चरण ने बताया था कि पहली फिल्म के बाद जब वह सलाह लेने अपने पिता चिरंजीवी के पास पहुंचे, तब उन्होंने साफ कहा- “तुम्हें अपनी अलग पहचान खुद बनानी होगी।” राम चरण मानते हैं कि उनकी सफलता में पिता की परवरिश, अनुशासन और सिखाए गए मूल्यों का बड़ा योगदान है।

    ‘मगधीरा’ ने रातोंरात बनाया सुपरस्टार

    2009 में रिलीज हुई ‘मगधीरा’ राम चरण के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुई। फिल्म का निर्देशन एस.एस. राजामौली ने किया था।फिल्म में राम चरण के डबल रोल, एक्शन और स्क्रीन प्रेजेंस को दर्शकों ने जबरदस्त प्यार दिया। यह उस समय की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली तेलुगु फिल्मों में शामिल हुई और राम चरण रातोंरात सुपरस्टार बन गए।

    घुड़सवारी और तलवारबाजी की ट्रेनिंग ली

    ‘मगधीरा’ के लिए उन्होंने घुड़सवारी और तलवारबाजी की ट्रेनिंग ली थी। फिल्म के कई स्टंट उन्होंने खुद किए। शूटिंग के दौरान वह कई बार घायल हुए, लेकिन शूटिंग नहीं रोकी। राम चरण कई बार कह चुके हैं कि राजामौली ने उनके करियर को नई दिशा दी। उनके मुताबिक, राजामौली ने उन्हें सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि अनुशासन और डिटेलिंग भी सिखाई।

    Latest articles

    मोहन सरकार का बड़ा फैसला- 46.80 लाख परिवारों को करायेगी जमीन की रजिस्ट्री

    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में...

    ट्विषा शर्मा केस: सास और पति 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, जेल भेजे गए

    भोपाल। मॉडल-अभिनेत्री ट्विषा शर्मा की मौत के हाई-प्रोफाइल मामले में नया घटनाक्रम सामने आया...

    सीबीएसई विवाद: ऑन स्क्रीन मार्किंग मामले में चेयरमैन और सचिव का ट्रांसफर, जांच के आदेश

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता...

    ईंधन महंगाई का नया झटका-पेट्रोल-डीजल में 10 रुपए प्रति लीटर तक बढ़ सकते हैं दाम

    नई दिल्ली। देश में आम जनता की जेब पर महंगाई का दबाव बढऩे वाला...

    More like this

    मोहन सरकार का बड़ा फैसला- 46.80 लाख परिवारों को करायेगी जमीन की रजिस्ट्री

    भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में...

    ट्विषा शर्मा केस: सास और पति 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, जेल भेजे गए

    भोपाल। मॉडल-अभिनेत्री ट्विषा शर्मा की मौत के हाई-प्रोफाइल मामले में नया घटनाक्रम सामने आया...

    सीबीएसई विवाद: ऑन स्क्रीन मार्किंग मामले में चेयरमैन और सचिव का ट्रांसफर, जांच के आदेश

    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने सीबीएसई के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता...