भोपाल। मध्य प्रदेश से राज्यसभा की एक सीट के लिए होने वाले उपचुनाव में अब मुकाबले के आसार बन गए हैं। केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी के निर्विरोध निर्वाचन की संभावनाओं को भोपाल के मोबाइल कारोबारी राजकुमार लोहानी ने चुनौती दे दी है। लोहानी ने अंतिम दिन निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन दाखिल किया। कांग्रेस ने भी उन्हें समर्थन देने का ऐलान किया है। कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे उनके प्रस्तावक बने हैं।
कांग्रेस विधायकों की मौजूदगी में दाखिल किया नामांकन
राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तारीख 2 नवंबर थी। अंतिम दिन भोपाल के घोड़ा नक्कास निवासी राजकुमार लोहानी ने अपना नामांकन पत्र जमा किया। लोहानी पुराने भोपाल में मोबाइल एसेसरीज की दुकान संचालित करते हैं। नामांकन के दौरान कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे, महेश परमार, आतिफ अकील, अभिजीत शाह, सुरेंद्र सिंह हनी बघेल और पार्टी प्रवक्ता विवेक त्रिपाठी मौजूद रहे।
कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे ने कहा कि राजकुमार लोहानी निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ना चाहते थे और उन्होंने पार्टी से सहयोग मांगा था। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने उन्हें समर्थन देने का फैसला किया। कटारे ने कहा कि मध्य प्रदेश की राज्यसभा सीट पर प्रदेश के ही किसी व्यक्ति को प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रदेश के बाहर के व्यक्ति को राज्यसभा क्यों भेजा जाए?
कटारे ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी पर भी निशाना साधा। उन्होंने आशंका जताई कि लोहानी का नामांकन निरस्त करने की कोशिश हो सकती है। उन्होंने चुनाव आयोग से नामांकन की जांच सहित पूरी चुनावी प्रक्रिया पर नजर रखने की मांग की।
भाजपा का संख्याबल भारी, कांग्रेस ने बदली रणनीति
मध्य प्रदेश विधानसभा में विधायकों की संख्या के लिहाज से भाजपा की स्थिति बेहद मजबूत है। ऐसे में कांग्रेस के पास अपने दम पर राज्यसभा की यह सीट जीतने के लिए पर्याप्त संख्याबल नहीं है। यही कारण है कि कांग्रेस ने आधिकारिक प्रत्याशी उतारने के बजाय निर्दलीय उम्मीदवार राजकुमार लोहानी को समर्थन देने की रणनीति अपनाई है।
अब नामांकन पत्रों की जांच और चुनावी प्रक्रिया के अगले चरण पर सबकी निगाहें रहेंगी। हालांकि विधानसभा में भाजपा के स्पष्ट बहुमत को देखते हुए हरदीप सिंह पुरी की स्थिति मजबूत मानी जा रही है, लेकिन निर्दलीय प्रत्याशी के मैदान में उतरने और कांग्रेस के समर्थन से चुनावी मुकाबला दिलचस्प हो गया है।


