खरगे के आवास पर 19 विपक्षी दलों की मॉक संसद
नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने 2024 के लोकसभा चुनाव की वैधता पर सवाल उठाते हुए चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान 13.3 करोड़ से अधिक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। राहुल ने कहा कि वोट काटने के लिए जिम्मेदार लोग देश के अपराधी हैं और उन्हें जनता को इसका जवाब देना होगा।
शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर आयोजित मॉक संसद को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार को सीधे निशाने पर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने से लोकतांत्रिक व्यवस्था और चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
सात में से एक मतदाता का नाम हटाने का आरोप
राहुल गांधी ने दावा किया कि एसआईआर के तहत करीब 13.3 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उनके मुताबिक, यह संख्या देश के कुल मतदाताओं का लगभग 15 प्रतिशत है। यानी हर सात में से एक मतदाता का नाम सूची से बाहर कर दिया गया।
उन्होंने कहा कि इनमें ऐसे मतदाता भी शामिल हैं, जिन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था। राहुल ने इसे नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए 2024 के लोकसभा चुनाव की वैधता पर सवाल उठाए।
मोदी-शाह भी हमेशा नहीं बचा पाएंगे: राहुल
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को चेतावनी देते हुए राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें यह नहीं मानना चाहिए कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह हमेशा उन्हें बचा लेंगे। जिन मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं, वे इस कार्रवाई को कभी नहीं भूलेंगे।
राहुल ने कहा कि यह महज भ्रष्टाचार या किसी घोटाले का मामला नहीं है, बल्कि देश की आत्मा और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है। उन्होंने मतदाता सूची की पारदर्शिता और चुनाव आयोग की जवाबदेही को लेकर भी सवाल उठाए।
मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग का समर्थन
राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष की ओर से लाए गए महाभियोग प्रस्ताव का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग और न्यायपालिका जैसी संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका तथा जवाबदेही को लेकर विपक्ष की चिंताएं बढ़ी हैं। ऐसे में संस्थाओं को जवाबदेह बनाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
खरगे के आवास पर 19 विपक्षी दलों की मॉक संसद
इस कार्यक्रम को ‘जन महाभियोग’ नाम दिया गया था। इसकी अध्यक्षता लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष मीरा कुमार ने की। इसमें कांग्रेस सहित 19 विपक्षी दलों के नेताओं ने हिस्सा लिया।
मॉक संसद के माध्यम से विपक्ष ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी आपत्तियां रखीं। साथ ही मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और नागरिकों के मतदान अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।


